फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandauli News: पुलिया एक और निर्माण के लिए दो विभागों ने पास करा लिए पैसे

विज्ञापन
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर/कंदवा। जिले में एक पुलिया बनाने का जिम्मा दो विभागों ने ले लिया। इसके बाद एक विभाग ने कार्य आरंभ किया तो दूसरे विभाग ने रोकवा दिया। इस बात की चर्चा शुक्रवार को होती रही। मामला कंदवा क्षेत्र के घोसवा गांव के पास नारायनपुर पंप कैनाल से निकली नहर पर बन रही नई पुलिया का है।
विज्ञापन




दरअसल इस पुलिया को पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग दोनों ने अपनी-अपनी कार्ययोजना में शामिल कर लिया था। शासन की ओर से करीब 50 लाख रुपये की कार्ययोजना की मंजूरी पीडब्ल्यूडी को मिली तो विभाग ने कार्य आरंभ कर दिया। इसकी भनक सिंचाई विभाग को लगी तो उसने पीडब्ल्यूडी को अपने विभाग की पुलिया बताकर कार्य रोकने को कह दिया। इसपर पीडब्ल्यूडी ने कार्य रोक दिया है। अब देखना है कि पुलिया का निर्माण कौन विभाग कब तक करवाता है। पुलिया का निर्माण शुरू होने के बाद बंद होने से ग्रामीणों की खुशी भी काफूर हो गई है। बरहनी घोसवा मार्ग पर घोसवा गांव के समीप नारायनपुर पंप कैनाल से निकली बड़ी नहर पर बनी पुलिस 12 वर्ष से ज्यादा समय से क्षतिग्रस्त है। उसकी रेलिंग भी नहर में गिर चुकी है। इससे कई लोग नहर में गिरकर घायल भी हो चुके हैं। अन्य विकल्प के अभाव में लोग इसी रेलिंग विहीन जर्जर और क्षतिग्रस्त पुल से आवागमन करने को विवश हैं।

पुलिया से संबंधित खबर अमर उजाला के 23 मार्च के अंक में 12 साल में एक बार भी नहीं हुई बिना रेलिंग वाली पुलिया की मरम्मत शीर्षक से प्रकाशित हुई थी। इसके बाद अधिकारियों की आंखें खुलीं और निर्माण शुरू हुआ। लेकिन अब कार्य बंद होने पर उनमें मायूसी है।
विज्ञापन


कोट.......

- पीडब्ल्यूडी विभाग ने बिना अनुमति लिए पुलिया का निर्माण कार्य आरंभ करवा दिया था जबकि पुलिया सिंचाई विभाग के अंतर्गत आती है। पुलिया की मरम्मत की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी गई थी, जिसे मंजूरी भी मिल गई है।

- सर्वेशचंद्र सिन्हा, एक्सईएन, चंद्रप्रभा प्रखंड।

-

- क्षेत्र की जनता की मांग पर सड़कों की कार्ययोजना बनाते समय पुलिया को भी योजना में शामिल किया गया था। शासन से मंजूरी व धन मिलने के बाद कार्य आरंभ कराया गया। इसके लिए सिंचाई विभाग को पहले ही नो ऑब्जेशन के लिए पत्र प्रेषित किया गया था। वहां से कोई जवाब न मिलने पर कार्य आरंभ कराया गया था। हालांकि सिंचाई विभाग के आपत्ति जाहिर करने पर कार्य रोकवा दिया गया है।
विज्ञापन


- राजेश कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें