किसी को बेटा तंग कर रहा है तो किसी को पड़ोसी। चलने-फिरने में लाचार होने के कारण थाने तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे असहाय बुजुर्गों के चेहरे पर अब सरकार की ‘सवेरा योजना’ मुस्कान लाने का काम करेगी। पुलिस महकमे में शुरू की गई नई पहल के तहत बुजुर्गों को यूपी-112 को फोन करके अपना पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद यदि दोबारा वह 112 पर फोन करेंगे तो उनके नाम व पते की जानकारी पहले से ही पुलिस को हो जाएगी। पुलिस मौके पर पहुंचकर बुजुर्गों की समस्या का समाधान करेगी। रविवार को विभिन्न गांवों में पहुंची पुलिस ने बुजुर्गों का पंजीकरण किया।
सवेरा योजना को बेहतर संचालित करने की जिम्मेदारी यूपी-112 को दी गई है। जून माह से तहसील के नौगढ़ और चकरघट्टा थाने के यूपी- 112 के पुलिसकर्मियों ने गांवों में बुजुर्गों के पंजीकरण का कार्य आरंभ कर दिया है। सीओ नक्सल श्रुति गुप्ता ने बताया कि सवेरा योजना का मकसद अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा और उन्हें त्वरित सहायता पहुंचाना है। बुजुर्ग को किसी परिजन या आसपास रहने वाले लोगों की ओर से परेशान किए जाने या आपात स्थितिमें होने पर पुलिस उनकी सहायता करेगी। इस योजना के तहत पुलिस को क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों के साथ नियमित मेल-मिलाप भी स्थापित करना है। सीओ नक्सल ने कहा कि बुजुर्ग डॉयल-112 पर फोन कर अपना पंजीकरण जरूर कराएं। बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर पुलिस हमेशा तत्पर रहेगी। पुलिस का मकसद है कि बुजुर्गों को बिना परेशानी के न्याय दिलाया जा सके।