कंदवा। थाना क्षेत्र के अदसड़ गांव में जाति विशेष पर टिप्पणी को लेकर दो पक्षों में लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चलने के घटना के दूसरे दिन रविवार को भी स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। सुरक्षा के मद्देनजर गांव में पुलिस तैनात रही। सीओ सकलडीहा के नेतृत्व में पुलिस द्वारा तलाशी अभियान चलाया गया पर कोई आरोपी नहीं मिला। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
आरोप है कि गांव के मुख्य गली के पास स्थित सार्वजनिक कुएं पर कुछ लोग आए दिन एक जाति विशेष के प्रति अशोभनीय टिप्पणी करते रहते हैं। इस बात को लेकर गांव के एक व्यक्ति ने विरोध जताया था। शनिवार की सुबह एक पक्ष के लोग कुएं की जगत को तोड़ रहे थे ताकि कोई उस पर बैठकर किसी के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी न कर सकें। इसका दूसरे पक्ष ने विरोध किया और देखते ही देखते दोनों पक्ष से जमकर लाठी डंडे और ईंट पत्थर चलने लगे। इसमें दोनों पक्षों से लगभग एक दर्जन लोग जख्मी हो गए। इसके बाद दोनों पक्षों ने थाने में डेढ़-डेढ़ दर्जन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 15 लोगों को शांति भंग करने और बलवा फैलाने के आरोप में न्यायालय में पेश किया था जहां से एक पक्ष के राहुल शर्मा, लखन मौर्या, गोपाल मौर्या, यशनाथ मौर्या और दीपक गुप्ता व दूसरे पक्ष से राजेश सिंह और उज्जवल सिंह को जेल भेज दिया गया। रविवार की सुबह 11 बजे सीओ के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपियों के यहां दबिश दी लेकिन आरोपी पुलिस को देख घर छोड़कर फरार हो गए। इस संबंध में सीओ सकलडीहा जगत नारायण कन्नौजिया ने बताया कि गांव में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की तैनाती की गई है। आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।