मुख्यालय स्थित सपा कार्यालय पर मंगलवार को फ्रंटल संगठनों की बैठक के दौरान कोतवाली पुलिस आ धमकी।
इस
दौरान सादे वेष में सदर कोतवाल साजिद सिद्दीकी को देख सपाइयों में हड़कंप
की स्थिति उत्पन्न हो गयी। पुलिस के जाने के बाद नाराज सपाइयों ने डीएम व
एसपी से टेलीफोनिक वार्ता कर इस प्रकरण से अवगत कराया।
इसके बाद सपाई एसपी
अमित वर्मा से मिले और अपना पक्ष रखा। एसपी ने कहा कि पुलिस अपना काम कर
रही है।
पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई को जनपद के आला नेताओं को अवगत
कराया जा चुका है।
दरअसल मंगलवार को सपा कार्यालय पर फ्रंटल संगठनों की
बैठक की तिथि निर्धारित थी। प्रात: दस बजे सपाइयों का जमावड़ा लगना शुरू
हुआ। पूर्वाह्न 11 बजे सभी फ्रंटल संगठनों की संयुक्त बैठक हुई।
कार्यालय
पर सपाईयों में गत दिनों जिला अस्पताल में बाहर की दवा लिखने को लेकर
चिकित्सक और सयुस जिलाध्यक्ष चकरु यादव के साथ हुई मारपीट के बाबत
विचार-विमर्श चल रहा था, तभी सदर कोतवाली पुलिस समाजवादी पार्टी कार्यालय
पर पहुंच गई।
पुलिस को कार्यालय पर देख बैठक कर रहे युवा सपाइयों में
हड़कंप की स्थिति हो गई।
हालांकि कोतवाली पुलिस सपा नेताओं से बातचीत कर
लौट गई। यह संयोग ही था कि जब सदर कोतवाली पुलिस सपा कार्यालय पहुंई।
चिकित्सक संग मारपीट के प्रकरण में नामजद आरोपी सपा नेता चकरु यादव मौजूद
नहीं थे, लेकिन वहां मौजूद सपा नेता पुलिस द्वारा एक पक्षीय कार्रवाई की
आशंका से परेशान दिखे।