प्रेम यज्ञ समिति के तत्वावधान में क्षेत्र के खरौझा गांव में नौ दिवसीय
रामकथा की शुरूआत शनिवार का हुई। पहले दिन कथा वाचिका शालिनी त्रिपाठी ने
रामनाम को कल्प वृक्ष बताया।
उन्होंने मानव जीवन को मुक्ति का मार्ग बताते
हुए कहा कि गुरु के बातों का आचरण करना था। आत्म निश्चय करके मनुष्य भक्ति
के मार्ग का अनुसरण करके मोक्ष को प्राप्त कर सकता है।
कथा वाचक शालिनी
त्रिपाठी ने गुरु की महत्ता को बताते हुए कहा कि ज्ञान के अंधकार से गिरने
से बचा ले वह गुरु होता है। कान को ज्ञान और योग से खींचने वाला ही गुरु
होता है।
गुरु शास्त्र के ज्ञान को बताता है। गुरु के बिना मनुष्य का जीवन
ही अधूरा है। इसलिए मानव को अपने जीवन काल में गुरु के बताए मार्ग का
अनुसरण करना चाहिए। कथा वाचक ने कहा कि राम से बड़ा राम का नाम है। उपासना,
अराधना, से प्रभु को याद करने पर वह भक्त को रक्षा के लिए जरूर आते हैं।
मनुष्य को कथा का श्रवण करना चाहिए। समाजसेवी डॉ. गीता शुक्ला, कमलावती,
राधेश्याम, रणजीत ने दीप प्रज्ज्वलित कर श्रीराम का शुभारंभ किया। पूनम
पांडेय, माधुरी शर्मा, जयप्रकाश मौजूद रहे।