उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की बैठक शनिवार को मुख्यालय स्थित
सदर ब्लाक परिसर के शिवमंदिर परिसर हुई। इसमें संगठन सहित तमाम बिंदुओं पर
चर्चा की गई। साथ ही शिक्षामित्रों ने वाराणसी स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय
को घेरने की रणनीति बनाई गई।
जिलाध्यक्ष इंद्रजीत यादव ने कहा कि 16
नवंबर को वाराणसी स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय का घेराव करने के लिए
शिक्षामित्र कमर कस के तैयार रहें। केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण
प्रदेश के एक लाख 72 हजार शिक्षामित्रों का भविष्य अधर में है।
इसके लिए
एनसीटीई व एमएचआरडी पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। आरोप लगाया कि एमएचआरडी
द्वारा शिक्षामित्रों को टेट में छूट प्रदान करने में हीलाहवाली की जा रही
है।
वाराणसी दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि
शिक्षामित्रों की समस्या मेरी समस्या है और कोई भी शिक्षामित्र गलत कदन ना
उठाएं। प्रधानमंत्री को उनके इसी वादे को याद दिलाने के लिए क्षेत्रीय
कार्यालय वाराणसी में प्रदेशभर के शिक्षामित्र अनिश्चितकालीन धरना एवं
घेराव करेंगे।
बृजेश मौर्य, धर्मेंद्र, अमित, नर्वदेश्वर, संगीता, सुनील,
जय प्रकाश पाण्डेय, जेपी सिंह, अनिल जायसवाल, अमित तिवारी, बृजमोहन, जशवंत
आदि उपस्थित रहे। संचालन राजेश सिंह ने किया।