इसमें संगठन सहित तमाम बिंदुओं पर चर्चा की गई। साथ ही लखनऊ में दस फरवरी को होने वाले धरना-प्रदर्शन की सफलता के लिए रणनीति बनाई गई।
इस दौरान जवानों ने शासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष रामगहन यादव ने कहा कि बिना संगठित हुए पीआरडी जवानों का भला नहीं हो सकता। संगठन में ही शक्ति है।
इसके बिना कोई भी संघर्ष सफल नहीं हो सकता। लगभग 45 साल पीआरडी जवानों को संघर्ष करते हुए बीत गए, लेकिन आज तक जवानों के समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया।
इसी समाधान के लिए दस फरवरी को लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान पर विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया है। चेताया कि 12 फरवरी तक हम सभी मांगों पर सरकार ने विचार नहीं किया तो 13 फरवरी को एनेक्सी भवन के सामने संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष रक्षक कल्याण ट्रस्ट वीरेंद्र यादव के नेतृत्व में हम सभी सामूहिक आत्मदाह करेंगे।
इसके लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार होगी। प्रदेश प्रभारी वंश नारायण दुबे ने कहा कि पुलिस, पीएसी और पीआरडी जवानों के समाधान के लिए लखनऊ में दस फरवरी को आयोजित धरने को सफल बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है।
अधिक से अधिक संख्या में लखनऊ पहुंचकर अपने हक के लिए आवाज बुलंद करनी होगी, तभी मांगों को पूरा करने के प्रति सरकार सक्रिय होगी।