जिला मुख्यालय स्थित रेलवे स्टेशन पर कई प्रमुख ट्रेनों के स्टापेज की मांग को लेकर रविवार को नागरिकों ने दोपहर 12 बजे धरना दिया।
तीन
घंटे तक चले इस धरने में आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर महत्वपूर्ण
ट्रेनों का चंदौली मझवार स्टेशन पर ठहराव नहीं किया जाता है तो आगामी दो
अक्तूबर से आमरण अनशन भी किया जाएगा।
अंत में स्टेशन मास्टर को मांगों से
संबंधित ज्ञापन भी सौंपा गया जिसमें स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ाने की मांग की।
आंदोलन की अगुवाई समाजसेवी केएल भास्कर ने की।
इस दौरान हुई सभा में
भास्कर ने कहा कि जिला मुख्यालय होने की वजह से चंदौली मझवार स्टेशन काफी
महत्वपूर्ण है। यहां से विभिन्न स्थानों के लिए यात्री ट्रेन पकड़ते हैं।
यहां से रेलवे को अच्छी आय भी प्राप्त होती है। बावजूद इसके रेल प्रशासन न
तो स्टेशन पर सुविधाओं के विकास पर ध्यान दे रहा है और ना ही स्टेशन पर
महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की मांग पर ही विचार कर रहा है।
क्षेत्रीय
लोगों ने जन सुविधाओं के मद्देनजर बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस, रांची
इंटरसिटी एक्सप्रेस, संबलपुर एक्सप्रेस सहित अन्य महत्वपूर्ण एक्सप्रेस
यात्री ट्रेनों का स्टापेज सुनिश्चित करने की मांग की थी, लेकिन रेलवे ने
इस ओर ध्यान नहीं दिया।
कहा कि यदि इन ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित हो जाता
है तो इससे जहां यात्रियों को लाभ मिलेगा, वहीं रेलवे के आय में भी वृद्धि
होगी। इसके अलावा स्टेशन पर शौचालय, शेड व पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी
मुकम्मल नहीं हैं, जिससे यात्रियों को ट्रेनों का इंतजार करने में परेशानी
उठानी पड़ती है।
कहा कि यदि जल्द रेलवे इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार
करते हुए कोई ठोस कदम नहीं उठाता है तो वे लोग दो अक्टूबर से आमरण अनशन
शुरू कर देंगे। इस दौरान मणिशंकर, जयनारायण गुप्ता, कृष्णा गुप्ता,
हरिश्चंद्र आदि मौजूद रहे।