बालिका कुश्ती खिलाड़ी का आयु प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर शुक्रवार को जिला
चिकित्सालय के चिकित्सकों और एक निजी चिकित्सक के बीच जमकर नोकझोंक हुई।
निजी
चिकित्सक ने कर्मचारियों पर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया। वहीं जिला
चिकित्सालय की महिला चिकित्साधिकारी ने निजी चिकित्सक पर दुर्व्यवहार करने
का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की। बाद में घटना से नाराज निजी
चिकित्सकों और समर्थकों ने चिकित्सालय प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। अंत
में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
चहनियां निवासी चौदह वर्षीय
ज्योत्सना मिश्रा कुश्ती की खिलाड़ी है। उसका आयु प्रमाण पत्र बनवाने एक
निजी चिकित्सक शुक्रवार को जिला चिकित्सालय में आए। उन्होंने महिला
चिकित्साधिकारी से बालिका का परीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा। तब महिला
चिकित्सक ने कहा कि इसके लिए मुख्य चिकित्साधीक्षक का आदेश जरूरी है। इसी
बात को लेकर निजी चिकित्सक और उनके समर्थकों की महिला चिकित्सक से नोकझोंक
हुई।
इसके बाद निजी चिकित्सक प्रभारी मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. नंदलाल
पांडेय के पास गए और उनसे परीक्षण हेतु चिकित्सकों को आदेशित करने करने को
कहा। प्रभारी सीएमएस ने कहा कि वे तभी अपने चिकित्सकों को आदेशित करेंगे
जब मुख्य चिकित्साधिकारी आवेदन को अग्रसारित करेंगे।
यहां भी निजी
चिकित्सक और प्रभारी सीएमएस में विवाद हुआ। इसी बीच सूचना पाकर काफी संख्या
में निजी चिकित्सक चिकित्सालय में पहुंच गए और चिकित्सालय प्रबंधन के
खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। वहीं घटना के क्षुब्ध महिला चिकित्साधिकारी
डा.उर्मिला सिंह ने निजी चिकित्सक के खिलाफ पुलिस से दुर्व्यवहार की
शिकायत की।
साथ ही मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराने की भी बात कही। अंत में दोनों पक्षों में सुलह समझौता हो गया।