माटीगांव में खुदाई में मिली प्राचीन दिवार के अवशेष
- फोटो : CHANDAULI
चंदौली। बीएचयू पुरातत्व विभाग की ओर सदर कोतवाली के माटीगांव स्थित प्राचीन शिवमंदिर परिसर में खुदाई का कार्य कराया जा रहा है। विशेषज्ञों की मौजूदगी में उत्खन के दौरान काफी सर्तकता बरती जा रही है। अभी तक मिले अवशेषों के अधार में गांव में प्राचीन मंदिर और खंडित मूर्ति को हजारों वर्ष पहले का होने का दावा किया गया है। वहीं मंगलवार को बीएचयू से आए फोटोग्राफर और ड्राइंग एक्सपर्ट ने खुुदाई वाले स्थान का फोटो और ड्राइंग तैयार किया।
पुरातत्व विभाग की ओर से क्षेत्र के माटीगांव में दूसरे चक्र में खुदाई का कार्य कराया जा रहा है। प्रथम चक्र की खुदाई का कार्य कोरोना संक्रमण के चलते हुए लॉक डाउन के बाद मार्च महिने में ठप हो गया था। इसके बाद दूसरे चक्र की खुदाई का कार्य नौ जून से आरंभ हुआ है। खुदाई के दौरान रोजाना ऐतिहासिक धरोहरों के अवशेष मिल रहे है। उत्खनन में प्राचीन मंदिर, शिवलिंग का अरघा, प्रणाल(पानी निकास द्वार) मिले थे। लेकिन मंगलवार से खुदाई वाले स्थान की फोटोग्राफी और ड्राइंग बनाने का कार्य भी शुरु हो गया। इसके लिए बीएचयू से फोटोग्राफर वरुणा कुमार सिन्हा और ड्राइंग एक्सपर्ट शिवशंकर प्रजापति को बुलाया गया है। उत्खनन टीम प्रो. अनिल कुमार दुबे के निदेशक डॉ.विनय कुमार ने बताया कि मंगलवार को खुदाई के दौरान चुना सुख़ीर् निर्मित फर्श के नीचे दीवार मिली है। जो कि 58 सेमी मोटी और है जिसकी लम्बाई लगभग 170 सेमी हैं। आगे उत्खनन के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों के आधार में गांव में मौजूद ऐतिहासिक साक्ष्यों की सटीक जानकारी मिलेगी। उत्खनन टीम में डा. एके दुबे, राहुल कुमार त्यागी, अभिषेक कुमार सिंह, परमदीप पटेल शामिल है।