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जान जोखिम में डालकर जिले की सड़कों पर चल रहे लोग

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सकलडीहा-अमड़ा क्षतिग्रस्त मार्ग। - फोटो : CHANDAULI
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पीडीडीयू नगर। जिले की अधिकांश सड़कें बदहाल हो चुकी हैं। हालत यह है कि इनपर चलना दुश्वार हो गया है। वहीं सड़कों पर बने गड्ढों को भरने के लिए जिम्मेदार विभाग मौन साधे हैं। सड़को को ठीक करने के लिए लगातार धरना प्रदर्शन हो रहे हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।राष्ट्रीय राजमार्गों सहित गड्ढों में तब्दील हो चुकी कई सड़कों पर लोग जान जोखिम में डालकर चल रहे हैं। गड्ढों के कारण पीडीडीयू नगर-पड़ाव मार्ग पर तो तड़वाबीर बाबा मंदिर के पास एक लेन ही आवागमन के लिए बंद कर दिया गया था। देखा जाए तो जिले की सभी प्रमुख सड़कों का हाल बेहाल हो चुका है।
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बिहार सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों को जोड़ने वाले पुराने जीटी रोड पर तड़वाबीर बाबा मंदिर के समीप दो से तीन फीट गड्ढा हो गया है। दुर्घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस ने बैरियर लगाकर वाराणसी जाने वाली एक लेन को करीब पांच सौ मीटर तक बंद कर दिया था। कुछ दिन पूर्व समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बने गड्ढों में जमा पानी में धान रोपकर विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद पीडब्ल्यूडी विभाग ने सड़क पर बने गड्ढों को भरने का काम शुरू कर दिया है। वहीं गड्ढों में तब्दील रामनगर-रतनपुर मार्ग पर चलना दुश्वार बना हुआ है।
कंदवा। बारिश होने और ओवरलोड वाहनों के आवागमन से क्षेत्र की सड़कों की हालत खराब हो गई है। ओवरलोड वाहनों के आवागमन से सैयदराजा-जमानिया राष्ट्रीय राजमार्ग, अमड़ा- धीना कमालपुर मार्ग, अमड़ा तुलसी आश्रम मार्ग, कंदवा-बरली-पिपरदाहा मार्ग, इमिलिया संपर्क मार्ग, बरहनी-घोसवा संपर्क मार्ग, भदखरी संपर्क मार्ग, कंदवा-ककरैत मार्ग, जमुड़ा-चोहटा पुलिया संपर्क मार्ग, नौबतपुर-अरंगी मार्ग, जमानिया-धीना संपर्क मार्ग, सुढना-पई संपर्क, पई-बहोरा संपर्क आदि मार्ग जर्जर हो गए हैं। वहीं सैयदराजा-जमानिया मार्ग पर तलासपुर मोड़ के पास बने गड्ढों से बचने के चक्कर में कई वाहन रेलिंग विहीन पुलिया से नीचे नहर में पलट चुके हैं। वहीं जमुड़ा -घोसवा और खुरहट-दरौली मार्ग तीन वर्ष बाद भी अधूरा पड़ा हुआ है।
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पीडीडीयू नगर से चंदौली जाने वाला मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। अलीनगर से लेकर पंचफेड़वा तक सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। सड़क पर बने गड्ढों को अब तक नहीं भरा गया है। इससे लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत हो रही है।बारिश में जलभराव होने से राहगीर गिरकर चोटिल हो रहे हैैं। लोक निर्माण विभाग कीसुस्ती अब लोगों पर भारी पड़ रही है।
धानापुर से डेढ़ावल मार्ग का निर्माण तो चल रहा है लेकिन लोक निर्माण विभागकी सुस्त चाल से अब तक 50 फीसदी काम भी पूरा नहीं हो सका है। सड़क पर बनेगड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। सड़क पर बने गड्ढों में बरसात का पानी जमा होने से दो पहिया के अलावा चार पहिया वाहनों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। लोगों ने जिला प्रशासन से जल्द सड़क मरम्मत की मांग की है।
चहनिया से सकलडीहा मार्गपर इन दिनों चलना दुश्वार हो चुका है। सड़क पर जगह-जगह गिट्टियां बिखर गई हैं। इससे चहनिया बाजार से सकलडीहा कस्बे तक लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं चहनिया से मारुफपुरमार्ग भी ध्वस्त हो चुका है। गड्ढे में तब्दील सड़क पर लोगों का चलनामुश्किल है। वहीं सकलडीहा क्षेत्र में भोजापुर से रेलवे स्टेशन को जाने वाला मार्ग भी वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ा है। इसके अलावा चहनिया क्षेत्र में पहाड़पुर से जुड़ा व चकिया बिहारी मिश्र से कुर्रा गांव को जाने वाला मार्ग भी अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है।
20 वर्षों से क्षतिग्रस्त है हेतिमपुर-पंचफेड़िया मार्ग
शिकारगंज क्षेत्र मेें हेतिमपुर से पंचफेड़िया हाजीपुर मार्ग लगभग 20 वर्षों से खस्ताहाल है। खराब मार्ग से लगभग आधा दर्जन गांवों का आवागमन होता है। वहीं क्षेत्र के अमरा दक्षिणी गांव का संपर्क मार्ग विगत कई वर्षों से खस्ताहाल अवस्था में है।
एक साल में ही बन गये बढ़े-बढ़े गड्ढे
इलिया में एक वर्ष पहले करोड़ों की लागत से निर्मित लेवा मोड़ से लेकर इलिया कस्बा तक लगभग 23 किलो मीटर मार्ग एक वर्ष में ही दम तोड़ने लगा है। सड़क पर उतरौत गांव के पास बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। वहीं 13 लाख 74 हजार की लागत से लगभग दो किलोमीटर मालदह पुल से लेकर महदाईच बैरियर तक बनी सड़क कुछ वर्ष भी नहीं चली। सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।
कोट..................
मालदह पुल से लेकर महदाईच बैरियर तक बनी सड़क का नवीनीकरण सितंबर 2015 में कराया गया था। अब पांच वर्ष बीतने को हैं। सड़क के नवीनीकरण के लिए इस्टीमेट बनाकर भेजा जाएगा। धन आने के बाद मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा। सड़क पर ओवरलोड वाहनों के चलने से सड़कें खराब हो रही हैं। मिथिलेश कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
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