पीडीडीयू नगर। सरकारी और निजी संस्थानो से सेवानिवृत्त पेंशनरों को अब जीवित प्रमाण पत्र बनाने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने होंगे। डाक विभाग में पेंशनरों के लिए विशेष व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत वे घर बैठे ही जीवित प्रमाण पत्र बनवा सकेंगे।
इसके लिए उन्हें बस अपने नजदीकी डाकघर या डाकिया से संपर्क करना होगा। डाकिया घर पहुंच कर जीवित प्रमाण पत्र बनाने में मदद करेंगे, इसके लिए 70 रुपये शुल्क, आधार संख्या, मोबाइल नंबर और पेंशन का विवरण देना होगा।
सभी पेंशनर को पेंशन के लिए हर वर्ष नवंबर में बैंक अथवा कोषागार में जीवित प्रमाण पत्र जमा करना होता है। इसके लिए कोषागार में सुबह से शाम तक बुजुर्गों की लंबी लाइन लगी रहती है। प्रमाण पत्र के अभाव में पेंशन निकालने पर भी रोक लगा दी जाती है। इस परेशानी से बचने के लिए डाक विभाग ने जीवन प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। वाराणसी डिवीजन के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पोस्ट राजीव कुमार ने बताया कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने पेंशन और पेंशन भोगी कल्याण विभाग के साथ समझौता किया है। इसके तहत पेंशनर ऑनलाइन तरीके से अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं l इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक चंदौली शाखा के शाखा प्रबंधक ओम नारायण गुप्ता ने बताया की यह सुविधा पूरे चंदौली जिले के 188 ग्रामीण डाकघर और 18 उप डाकघरों में दी जा रही है। इसके लिए किसी प्रकार की सरकारी दस्तावेज की जरूरत नहीं रहेगी और ना किसी कार्यालय के चक्कर काटने होंगे। पेंशन भोगी को बस अपने नजदीकी डाकघर या फिर डाकिया और ग्रामीण डाक सेवक से संपर्क करना होगा। डाकिया और डाक सेवक संबंधित आवेदक के घर पहुंचेंगे और जीवित प्रमाण पत्र जारी करेंगे। पेंशनर, पोस्ट इंफो ऐप पर आवेदन कर डोर स्टेप योजना का लाभ ले सकेंगे। इसी तरह वेबसाइट https://ccc.cept.gov.in/ServiceRequest/request.aspx के जरिए रिक्वेस्ट भी कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद संबंधित नंबर पर एसएमएस पहुंचेगी और कुछ दिन बाद डिजिटल जीवित प्रमाण पत्र जारी हो सकेगा।