पं. कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय के 10 वार्डों में सिर्फ एक में ही एसी लगा हुआ है। हर वार्ड में 12-15 मरीज भर्ती हैं, लेकिन गर्मी से बचने के लिए हर वार्ड में केवल एक कूलर ही लगाया गया है। वह भी पुराना होने से काफी धीमा चलता है।
भीषण गर्मी में पंखे भी आग उगल रहे हैं। जिले में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस पार कर चुका है। ऐसे में वार्ड में भर्ती मरीजों को इस उमस भरी गर्मी में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पं. कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में रोज 50 से 60 मरीज इलाज के लिए आते हैं।
जहां 10 से 15 मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया जाता है। इन दिनों 70 से ज्यादा मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन मरीजों को सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं मिल पाता है। स्थिति यह है कि गर्मी के दिनों में मरीज को राहत देने वाले पंखा व कूलर तक की समुचित व्यवस्था नहीं है।
पंखे लगे हैं जो रात में उमस भरी गर्मी में आग उगलते रहते हैं। इससे मरीज और तीमारदार दोनों परेशान रहते हैं। जिला अस्पताल में भर्ती मरीज की देखरेख के मौजूद सियाराम चौहान का कहना है कि उमस भरी गर्मी में अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए कूलर व पंखा नाकाफी हैं।
कूलर की संख्या अविलंब बढ़ाई जानी चाहिए। ताकि मरीजों को गर्मी में राहत मिल सके। कमलेश का कहना था कि एक वार्ड में एक ही कूलर लगाया गया है, जो एक ही तरफ हवा देता है। मरीज इससे और बीमार हो जा रहे हैं।
पं. कमलापति त्रिपाठी सयुंक्त जिला चिकित्सालय के वार्डों में मरीजों की सुविधाओं के लिए जल्दी ही गर्मी से राहत देने वाली सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रयास किया जाएगा कि सभी वार्डों में एक और कूलर की व्यवस्था कर दी जाए। ताकि दोनों तरफ के मरीजों को गर्मी से राहत मिल सके। - डॉ. अमित कुमार सिंह, प्राचार्य, बाबा कीनाराम स्वशासी मेडिकल कॉलेज, चंदौली