पांच सौ के नोट का हिसाब लिखते लिपिक।
नोटबंदी को लेकर डीसीएम (मंडल वाणिज्य प्रबंधक) हिमांशु शुक्ला द्वारा मंगलवार की रात जारी सर्कुलर पहले दिन बुुधवार को सफल रहा। बुकिंग में जहां पहले छह में 447 यात्रियों के विवरण फार्म में भरे गए। आरक्षण काउंटर पर तैनात लिपिकों ने उसका पालन करने का प्रयास किया। हालांकि कर्मचारियों ने बताया कि यह अव्यावहारिक है। भारत के 67 रेल मंडलों में एक मात्र मुगलसराय में ही यह सर्कुलर बना है। इससे टिकट लेने में यात्रियों दिक्कतें आएंगी। वहीं यात्रियों ने कहा कि बताया कि टिकट के लिए अधिक समय लग रहा है।
नोटबंदी को लेकर मुगलसराय मंडल में वाणिज्य विभाग के अधिकारियों ने रेलवे काउंटरों पर नोटबंदी को लेकर रोजाना हो रही किचकिच को दूर करने के लिए बुधवार से नई व्यवस्था शुरू की। सभी अनारक्षित और आरक्षित काउंटरों पर नोटों का विवरण लिखने के लिए दो फार्म दिए गए। मंडल में वाणिज्य विभाग के अधिकांश स्थानों पर इसका पालन किया गया। अनारक्षित काउंटरों पर जहां छह घंटे में कुल 447 यात्रियों द्वारा लिए गए टिकटों और नोटों का विवरण भरा गया वहीं आरक्षण काउंटर पर क्लर्क अधिकांश यात्रियों का भरे लेकिन कुछ यात्रियों का विवरण भरने में उन्हें असुविधा हुई। मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक राजेंद्र राम ने बताया कि भारत के 67 मंडल कार्यालयों में मुगलसराय को छोड़कर कहीं भी यह व्यवस्था नहीं लागू की गई है। इसमें एक यात्री का विवरण भरने में और टिकट देने में पांच से दस मिनट तक का समय लग जा रहा है। वहीं पहले यह टिकट दो से तीन मिनट में यात्रियों को दे दिया जाता था। हिमांशु शुक्ला ने बताया कि पहले दिन के पहले शिफ्ट में इसका सकारात्मक परिणाम मिला।
मंडल के गया, औरंगाबाद, डेहरी आन सोन, सासाराम, भभुआ रोड स्टेशनों पर भी इसका परिणाम सकारात्मक रहा। कहा कि पूरा विवरण 24 घंटे बाद ही दिया जा सकेगा।