पानी निकासी और सिंचाई समस्याओं से बचाव के लिए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह को ज्ञापन
इलिया। बाढ़ के पानी की निकासी, सिंचाई और आवागमन की समस्याओं के लिए किसान विकास मंच के सदस्यों ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष क्षत्रबली सिंह को रविवार को पत्रक सौंपा। उन्होंने क्षेत्र की प्रमुख नहरों और ड्रेनों के सुधार की मांग करते हुए कहा कि समस्याओं के समाधान में लापरवाही से खेती-किसानी प्रभावित हो रही है।
मंच के संगठन मंत्री रामअवध सिंह ने खिलची ड्रेन में बनाई गई अराजी चकिया, घोड़सारी व खिलची मौजा की पुठ्ठियों को गेट चैनल युक्त कराने की मांग की। वहीं, परमंदापुर के पश्चिम खखड़ा-परमंदापुर क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए मजबूत रेगुलेटर निर्माण की आवश्यकता बताई। किसानों ने बेन-धरौली नहर में सिंचाई और बाढ़ निकासी के कुलावों की संख्या बढ़ाने व उनकी विधिवत सेटिंग कराने की मांग भी की।
उनका कहना था कि बटौवा, खिलची, परमंदापुर और खखड़ा क्षेत्र में सिंचाई व जल निकासी दोनों व्यवस्था बाधित नहीं होनी चाहिए। बेन-धरौली नहर मार्ग के चौड़ीकरण की मांग करते हुए कहा कि इससे खेती-बाड़ी और आवागमन में सुविधा होगी। हड़ौरा रेगुलेटर पुल के नए निर्माण की मांग करते हुए किसानों ने कहा कि पुल बनने से करईल समेत दूरदराज क्षेत्रों के लोगों का आवागमन आसान होगा व सिंचाई और जल निकासी व्यवस्था भी सुचारू हो सकेगी। खखड़ा ड्रेन पर स्थित रोहाखी रेगुलेटर के जीर्णोद्धार की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। किसानों का कहना है कि इसके खराब होने से बरियारपुर, खिलची, खखड़ा, रोहाखी और बटौवा क्षेत्रों में हर वर्ष बाढ़ और सिंचाई की समस्या बनी रहती है। धरौली क्षेत्र में बेन-धरौली नहर पर मोटे ह्यूम पाइप लगाने की मांग करते हुए किसानों ने कहा कि इससे बाढ़ और सिंचाई की समस्या का स्थाई समाधान हो सकेगा।
इस दौरान छत्रबली सिंह ने कहा कि क्षेत्रीय विकास और किसानों की सुविधाओं के लिए पूरी तत्परता से कार्य करेंगे। पत्रक सौंपने वालों में विजय शंकर सिंह, दीनबंधु सिंह, बनारसी सिंह, कुलदीप सिंह, संजीव कुमार सिंह आदि रहे।