ये रही ग्रामीणों की मांग
- 30 मिनट में फाल्ट ठीक करके आपूर्ति बहाल करने
- रात में कम से कम दो-तीन लाइनमैन की ड्यूटी अनिवार्य करने
- 24 घंटे चालू रहने वाला हेल्पलाइन नंबर जारी करने
- जून-जुलाई में ओवरलोडिंग से निपटने की अभी से तैयारी करने
कंजेहरा में ट्रांसफार्मर जलने से 60 घरों में नहीं रही बिजली
कंदवा। कंजेहरा गांव में लगा 63 केवीए का ट्रांसफार्मर शनिवार की शाम को जल गया। इससे केबल में आग लग गई। ग्रामीणों ने आग लगने की सूचना बिजली निगम के अधिकारियों के साथ उपकेंद्र पर दी। इसके बाद आपूर्ति बंद किया गया। ट्रांसफार्मर जलने से गांव के 60 घरों की बिजली गुल रही। जेई घनश्याम ने बताया कि ट्रांसफार्मर जलने की सूचना मिल गई है। इसे बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बनौली फीडर के 28 गांवों में बिजली संकट, सिर्फ दो घंटे मिल रही बिजली
ताराजीवनपुर।
बनौली फीडर से जुड़े 28 गांवों में सिर्फ दो घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। बिजली नहीं रहने से सबमर्सिबल पंप नहीं चलने से पेयजल संकट का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। छोटे-मोटे उद्योग-धंधे ठप होने से आर्थिक संकट गहरा गया है। मोबाइल चार्ज नहीं हो रहे हैं।
ग्रामीणों की समस्या
बिजली कटौती के कारण घर में बड़े-बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को परेशानी हो रही है। सबमर्सिबल नहीं चलने से पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। मनमाने तरीके से दो घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है।
- विवेक सिंह बुद्धन
क्षेत्र में बिजली का शेड्यूल इतना खराब हो गया कि कभी 10 मिनट तो कभी आधा घंटा बिजली आती है। इससे दिनचर्या बिगड़ने के साथ-साथ छोटे-मोटे उद्योग-धंधे बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
- वसीम अहमद
बिजली निगम की मनमानी से बिल में इजाफा हो रहा है। लेकिन आपूर्ति में भारी कटौती हो रही है। खामियाजा जनता भुगत रही है। यही स्थिति रही तो गुस्सा कभी भी सड़क पर फूट सकता है।
- राजेश सिंह
बिजली नहीं रहने से दिन तो किसी तरह गुजर जाता है लेकिन रात गुजारने में मुश्किल हो रही है। बिजली नहीं रहने से दिनचर्या खराब हो जाती है। मरीजों की परेशानी भी बढ़ गई है।
- साहब मिश्रा
बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में दिन के बजाए रात में रोस्टिंग की जा रही है। जिले के तीनों डिविजनों के अधिशासी अभियंताओं को बिजली कटौती पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। रात में मरम्मत के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और एक जेई को उपकेंद्र पर मौजूद रहकर समस्याओं का समाधान करने के लिए निर्देशित किया गया है।
- जसमीर सिंह, एसई, चंदौली