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कच्छप गति से चल रहा ओवरब्रिज निर्माण का काम, रोज लग रहा जाम

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ताराजीवनपुर। अलीनगर-सकलडीहा मार्ग पर निर्माणाधीन मटकुट्टा रेलवे ओवरब्रिज का कार्य कच्छप गति से चलने से राहगीरों को प्रतिदिन जाम के झाम से जूझना पड़ रहा है। कार्यदाई संस्था सेतु निगम को लगभग डेढ़ वर्ष में निर्माण कार्य पूर्ण करना था लेकिन सवा दो वर्ष की अवधि बीत जाने के बाद आधा कार्य भी पूर्ण नहीं किया गया है। रेलवे गेट बंद रहने पर राहगीरों को घंटों गेट के खुलने का इंतजार करना पड़ता है।
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पीडीडीयू नगर-गया रेलवे लाइन पर रेलगाड़ियों का काफी दबाव देखते हुए दो नवंबर वर्ष 2019 को सांसद डा. महेंद्रनाथ पांडेय ने ट्रैक पर ओवरब्रिज निर्माण का शिलान्यास किया था। इसके बाद ओवरब्रिज का निर्माण शुरू कर दिया गया। अलीनगर-सकलडीहा मार्ग पर प्रतिदिन धानापुर, धीना, कमालपुर, चहनिया, सकलडीहा सहित वाराणसी व गाजीपुर के लोग आवागमन करते हैं। रेलवे गेट बंद रहने के कारण इनको घंटो गेट खुलने का इंतजार करना पड़ता है। गेट बंद होने पर वाहनों की लंबी कतार लगने से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। जाम में फंसे रहने से अक्सर लोगों को देर हो जाती है।
ताराजीवनपुर। राहगीर प्रदीप गोंड ने बताया कि रेलवे क्रॉसिंग के घंटों बंद होने के कारण विद्यालय जाने वाले बच्चों की क्लास छूट जाती है। वहीं मरीजों की जान को खतरा बना रहता है। राजेंद्र पाल बताया कि रेलवे क्रॉसिंग बंद रहने व ओवरब्रिज निर्माण की धीमी गति का कारण आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मिंटू मिश्रा ने कहा कि फोर व्हीलर के साथ ही बाइक सवारों को भी क्रासिंग खुलने का लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। कभी-कभी तो चार से पांच गाड़ियों के गुजरने के बाद ही गेट खुलता है। जयप्रकाश यादव का कहना है कि ओवरब्रिज का कार्य काफी धीमी गति से कराए जाने से क्षेत्र की जनता में रोष है। उन्हें आवागमन में कठिनाई उठानी पड़ रही है।
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निर्माण कार्य आरंभ होने के बाद जमीन अधिग्रहण को लेकर समस्या उत्पन्न हुई थी जिसे सुलझा लिया गया है। अब कार्य में तेजी लाई जाएगी। सात माह में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य है। -पवन सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम।
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