पीडीडीयू नगर। शहर के व्यस्त मार्ग पर बने करीब दो किलोमीटर लंबे सड़क डिवाइडर की स्थिति बदहाल हो गई है। जीटीआर ब्रिज से नई बस्ती तक डिवाइडर पर 20 से ज्यादा पशु आराम फरमाते नजर आते हैं। 150 से ज्यादा बाइक डिवाइडर पर ही पार्क हो रही हैं। इससे न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि यातायात व्यवस्था भी चरमरा रही है। दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।
डिवाइडर का निर्माण सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्थित रखने के लिए किया गया है लेकिन कई स्थानों पर लोग बाइक और स्कूटी डिवाइडर के किनारे खड़ी कर देते हैं। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और जाम लगता है। डिवाइडर पर आवारा पशुओं का जमावड़ा भी आम बात है। पशु डिवाइडर पर बैठ जाते हैं। अचानक पशुओं के सड़क पर आ जाने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। रात के समय समस्या गंभीर हो जाती है। लोगों का कहना है कि नगर प्रशासन और यातायात विभाग की अनदेखी से समस्या बढ़ती जा रही है।
लोगों की प्रमुख मांगें
डिवाइडर पर पशुओं के जमावड़े और अवैध पार्किंग रोकने के लिए नियमित अभियान चलाया जाए।
सड़क सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएं, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।
आवारा पशुओं को आश्रय केंद्र में रखा जाए।
- सड़क पर या डिवाइडर पर गाड़ी खड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
एक नजर आंकड़ों पर
20 हजार से ज्यादा लोगों का नगर में रोज होता है आवागमन
2 किमी डिवाइडर पर पशुओं और वाहनों का रहता है जमावड़ा
25 से ज्यादा पशु हमेशा डिवाइडर पर बैठे रहते हैं
150 से ज्यादा बाइक और स्कूटी डिवाइडर पर लगाए जाते हैं
केस-1
13 जनवरी 2026 को मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के पड़ाव-पीडीडीूय नगर मार्ग पर डिवाइडर किनारे खड़े सांड़ से टकराकर लोहरा गांव निवासी 22 वर्षीय हिमांशु पाल की मौत हो गई थी।
केस2
14 जनवरी 2026 को मुगलसराय थाना क्षेत्र के तड़वावीर मंदिर के पास चौरहट गांव की नई बस्ती निवासी मोहम्मद इंद्रीश अंसारी (60) की बाइक से सड़क पर खड़ा सांड़ टकरा गया था। इससे उनके सिर में गंभीर चोट आई थी।
एक किमी सड़क पर 24 घंटे विचरण करते हैं 50-60 पशु
पड़ाव से डांडी तक सिक्स लेन के लगभग एक किलोमीटर लंबे हिस्से में इन दिनों 50 से 60 छुट्टा पशु दिन-रात विचरण करते हैं। इनमें सांड़ों की संख्या अधिक है। स्थानीय लोगों के अनुसार पशु कभी डिवाइडर पर बैठ जाते हैं तो कभी अचानक सड़क पर आ जाते हैं। हर दूसरे-तीसरे दिन कोई न कोई हादसा जरूर होता है, लेकिन अब तक न तो नगर निकाय और न ही पशुपालन विभाग ने इन्हें पकड़ने के लिए अभियान चलाया है।
आठ किमी सिक्स लेन पर नहीं है एक भी लाइट
पड़ाव से पीडीडीयू नगर तक करीब आठ किलोमीटर लंबी सिक्स लेन सड़क का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन स्ट्रीट लाइट लगाने की व्यवस्था नहीं की गई। शाम होते ही पूरा मार्ग अंधेरे में डूब जाता है। अंधेरे में न तो पशु नजर आते हैं और न ही सड़क पर मौजूद अन्य अवरोध। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के साथ हादसे की आशंका बढ़ जाती है।
छुट्टा पशुओं पर हर साल खर्च हो जाते हैं साढ़े तीन करोड़ रुपये
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी योगेश कुशवाहा के अनुसार चंदौली जिले में छुट्टा पशुओं के संरक्षण के लिए 23 गो आश्रय केंद्र बनाए गए हैं। जहां अभी 1950 छुट्टा पशु रखे गए हैं। प्रत्येक पशु पर एक दिन में 50 रुपये खर्च होते हैं। यानी एक दिन में सभी पशुओं पर कुल 97,500 रुपये खर्च हो जाते हैं। एक साल में 3 करोड़ 55 लाख 87 हजार 500 रुपये खर्च हो जाते हैं। 2019 से यह योजना चली है। ऐसे में 6 वर्षों में छुट्टा पशुओं पर 21 करोड़ से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। इसके बाद भी छुट्टा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं।
डिवाइडर और सड़क पर 20 से ज्यादा आवारा पशुओं के हमेशा रहने के कारण वाहन चालकों को हमेशा सतर्क रहना पड़ता है। कई बार अचानक पशु सामने आ जाने से दुर्घटना होते-होते बची है। - अमित कुमार, पीडीडीयू नगर
डिवाइडर पर 150 से ज्यादा दोपहिया वाहनों की पार्किंग की जा रही है। जबकि सड़क पर नो पार्किंग में चालान होता है। लेकिन यहां यातायात के किसी भी अधिकारी की नजर नहीं पड़ती। - राहुल राव, अलीनगर
नगर पालिका की ओर से अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को पकड़ा जा रहा है। कुछ पशुपालक पशुओं को जानबूझकर सड़क पर छोड़ देते हैं, जिससे समस्या बढ़ रही है। ऐसे पशुपालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। - राजीव मोहन सक्सेना, अधिशासी अधिकारी, पीडीडीयू नगर पालिका
सड़क और डिवाइडर के पास वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जा रही है। आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।सत्य्रप्रकाश यादव, यातायात प्रभारी, चंदौली