नगर स्थित लक्ष्मी पब्लिक स्कूल में प्रबंधन द्वारा स्कूल से किताबें खरीदने की अनिवार्यता पर अभिभावकों और स्कूल स्टाफ के बीच सोमवार को जमकर बहस हुई। बाद में मामला जब प्रिंसिपल तक पहुंचा तो उन्होंने अभिभावकों से समाधान के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। तब जाकर अभिभावक शांत हुए।
अभिभावक शाहिद, बाबुल सलूजा, विमल कुुमार, रवि शर्मा , रवि सिंह आदि का आरोप है कि लक्ष्मी पब्लिक स्कूल में अप्रैल के प्रथम सप्ताह में ही दबाव देकर स्कूल से निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने को विवश किया। इसके बाद जब सत्र शुरू हुआ तो शिक्षक कक्षा में एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाने लगे। इसके चलते अभिभावकों पर इन किताबों को खरीदने का भी दबाव आ गया। बच्चों के भविष्य को देखते हुए कुछ अभिभावकों ने एनसीईआरटी की किताबें भी खरीद ली, लेकिन एक ही कक्षा में दो तरह की किताबें होने से बच्चे भी परेशान हो गए हैं। कई बच्चों ने बताया एनसीईआरटी कि किताब में जो पाठ चैप्टर एक में दर्ज है वहीं प्राइवेट बुक के चैप्टर बारह में लिखा हुआ है। समस्या यह है कि एक ही विषय की कितनी किताबें स्कूल लेकर जाएं। दूसरी तरफ प्रधानाचार्य बिंदु प्रकाश सिंह ने बताया कि कक्षा आठ तक एक या दो विषयों को छोड़कर सभी प्राइवेट किताबें ही चलेंगी। वहीं कक्षा नौ से बारह तक एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाया जाएगा। कहा कि हमें आजादी है कि हम तय कर लें कि कौन सा पाठ्यक्रम पढ़ाना है।