प्रभु यीशू के दोबारा पृथ्वी पर लौटने का पर्व ईस्टर रविवार को परंपरागत तरीके से मनाया गया। मसीही समुदाय के लोगों ने गिरजा घरों में मोमबत्ती जलाकर प्रभु का स्वागत किया वहीं परम ज्योति के प्रतीक के रूप में एक दूसरे को मोमबत्ती उपहार स्वरूप दी। नगर के यूरोपियन कालोनी स्थित बाल येसु चर्च में शनिवार की रात में विशेष प्रार्थना हुई। वहीं सुबह भी लोगों ने मोमबत्ती जलाकर ईश्वर का गुणगान किया।
मानव के सभी पाप को हरने के लिए और लोगों में प्रेम का संदेश देने के लिए परमपिता ईश्वर ने अपने इकलौते पुत्र यीशू को पृथ्वी पर भेजा था। यहां यहूदियों ने प्रभु को झूठा आरोप लगाकर सूली पर लटका दिया। हमारे पाप को हरने के लिए प्रभु गुड फ्राइडे के दिन सूली पर लटक गए लेकिन तीन दिन बाद ईस्टर के दिन फिर से जीवित हो उठे। इसके बाद यीशू धरती पर 40 दिनों तक लोगों के बीच रहा। मरियम मगदलीनी नामक महिला ने सबसे पहले यीशू को देखा।
इसी वजह से ईस्टर की अराधना महिलाओं द्वारा की जाती है। शनिवार की रात में बाल यीशू चर्च में महिलाएं अराधना के लिए जुटीं। यहां फादर विपिन सीजे की देख रेख में महिलाओं ने बाइबल का गान किया और प्रभु की विशेष प्रार्थना की। ईश्वर से सभी मानव के पाप हरने, देश दुनियां में शांति का राज्य कायम करने, लोगों में प्रेम सद्भाव कायम करने की प्रार्थना की गई। देर रात तक विशेष प्रार्थना हुई। रविवार की सुबह भी नगर के मसीही समुदाय के लोग चर्च में पहुंचे और प्रार्थना की। दिन भर बाइबल का पाठ होता रहा। फादर विपिन सीजे और उनके सहयोगियों ने लोगों प्रभु की महत्ता समझाई।