चहनिया। रामगढ़ गांव में जच्चा-बच्चा केंद्र, आयुर्वेदिक अस्पताल के समीप घनी आबादी के बीच कूड़ा घर बनाए जाने से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। नाराज ग्रामीणों ने निर्माण कार्य भी रोकवा दिया। चेतावनी दी कि कूड़ा घर का निर्माण कहीं और नही किया गया तो आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए मजदूर वहां से भाग गए। इससे काम रुक गया।
स्वच्छता अभियान के तहत रामगढ़ गांव में कूडा घर का निर्माण किया जा रहा है। कूड़ा घर का निर्माण आयुर्वेदिक अस्पताल, जच्चा-बच्चा केंद्र, कन्या जूनियर हाईस्कूल के बीच घनी आबादी में किया जा रहा है। इसके लिए शनिवार को गड्ढा खोदने की शुरूआत हुई। इसकी सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचकर हंगामा करने लगे। हंगामा देख मजदूर वहां से भाग खड़े हुए। ग्रामीणों का कहना था कि कूड़ा घर घनी आबादी से दूर बनना चाहिए। गांव में जगह-जगह कूड़ेदान रखवाया जाना चाहिए। गांव में न तो कूड़ेदान है और न ही कूड़ा फेंकने के लिए कोई व्यवस्था है। गांव की आबादी ज्यादा है। प्रभारी यूनानी आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. रजनीश कुमार यादव ने बताया कि कूड़ा घर को अस्पताल के पास बनवाने से संक्रामक रोग फैलने का खतरा हो सकता है। कूड़ा घर आबादी और अस्पताल से दूर बनाना चाहिए। इस दौरान सुभाष सिंह फौजी, गोपाल पांडेय, रमेश फौजी, राजेंद्र श्रीवास्तव, ऋषिकेश यादव, ज्ञान प्रकाश यादव, विनय सिंह, गुड्डू सिंह, सियाराम यादव, प्रभावती देवी, प्रेमलता यादव, उषा, किरन आदि मौजूद रहे।