चंदौली। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने कहा कि कृषि कानून को लेकर किसान संगठनों को गुमराह किया जा रहा है। सरकार सकारात्मक सोच के साथ किसानों संग लगातार वार्ता कर रही है। सरकार ने नौ चक्र की वार्ता में किसान संगठनों की बात मानी, लेकिन किसान कानून रद्द करने की जिद पर अड़े हैं। किसान आंदोलन की आड़ में विपक्ष सरकार को बदनाम करने की साजिश कर रहा है। सरकार किसानों के साथ है और उनके हित के लिए कृषि सेक्टर में सुधार करने का प्रयास कर रही है।
वह बृहस्पतिवार को भाजपा कार्यालय पर पत्रकारों से रूबरू थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को धरना, प्रदर्शन करने व असहमति का अधिकार है, लेकिन हिंसा, पथराव और अराजकता की स्थिति नहीं होनी चाहिए। कोविड के खतरे को देखते हुए सरकार आंदोलित किसानों से कई बार आग्रह कर चुकी है कि वे महिलाओं व बच्चों को धरनास्थल से हटा दें, लेकिन किसान अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। किसान संगठनों को प्रदर्शन के लिए सरकार ने वैकल्पिक जगह भी मुहैया कराई थी, लेकिन किसान हाइवे को जाम कर एक महीने से अधिक समय तक आंदोलित है। उदय प्रताप सिंह पप्पू ने कहा कि किसानों की असहमति पर सरकार उनसे बातचीत कर चर्चा करने को राजी है, लेकिन किसान कानून को रद्द करने की जिद पर अड़े हुए हैं।