अखिल भारतीय रेल अभियंता संघ के बैनर तले ईस्ट सेंट्रल रेलवे इंजीनियर्स
एसोसिएशन ने बुधवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के समक्ष आक्रोश रैली का
आयोजन किया।
इस अवसर पर धरना प्रदर्शन के माध्यम से अभियंताओं ने
रेलवे के सातवें वेतन आयोग में त्रुटिपूर्ण अनुशंसा के खिलाफ जमकर नारेबाजी
की। सभा में इसके लिए रेलवे को जमकर कोसा।
चेतावनी दी कि यदि अभियंताओं के
साथ इसी तरह का व्यवहार हुआ तो कर्मचारी रेल चक्का जाम करने से भी नहीं
हिचकेंगे। रेलवे की मूलभूत सेवा प्रभावित हो जाएगी। सभा में सीनियर सेक्शन
इंजीनियर को गजटेड अधिकारी का दर्जा देने, जूनियर इंजीनियरों को ग्रुप बी
में शामिल करने, जस्टिस खन्ना की रिपोर्ट की बहाली की मांग की।
इसके
पूर्व हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि रेलवे के विभिन्न तकनीकी विभागों जैसे
इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, एवं सिग्नल, दूरसंचार विभागों के जेई
और सीनियर सेक्शन इंजीनियर का रेल संरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान है।
पुल,
भवन, रेल इंजन, रेल कोच, बिजली उपकरण, सिग्नल, दूर संचार उपकरण, उत्पादन,
डिजायन, अनुरक्षण, मरम्मत में उल्लेखनीय योगदान के बावजूद इनके साथ
उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। अब इसे कर्मचारी अधिक दिनों तक
बरदाश्त करने को तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा कि रेलवे में डिप्लोमा
इंजीनियर्स जेई और ग्रेजुएट इंजीनियर सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद पर
नियुक्त होते हैं। पूरे सेवा काल में जेई को मात्र एक प्रोन्नति मिलती है
जबकि एसएसई को कोई भी प्रोन्नति नहीं मिलती है। यह सरासर अनुचित है।
इस तरह
का सौतेला व्यवहार बंद होना चाहिए। इससे रेल इंजीनियर घोर निराशा में हैं
और रेलवे को छोड़ कर जा रहे हैं। राज्य सरकार जेई को ग्रुप बी सेवा में
रखती है और उन्हें राजपत्रित अधिकारी का दर्जा मिलता है लेकिन रेलवे में
उन्हें सी ग्रुप में रखा जाता है।
सातवें वेतन आयोग मे भी इंजीनियरों
के साथ भेदभाव किया गया है। उनके हितों की पूरी तरह स उपेक्षा की गई है। न
तो जेई को अपेक्षित उन्नति मिली है और न ही संरक्षा या तकनीकी भत्ता की
सिफारिश की गई है। इस भेदभाव की नीति को कर्मचारी बरदाश्त करने को तैयार
नहीं है।
चेतावनी दी गई कि रेलवे बोर्ड ने जल्द ही कदम नहीं उठाया तो
देश भर के 80 हजार रेल इंजीनियर्स सामूहिक रूप से अवकाश पर जाएंगे। उसके
बाद रेल का संचालन पूरी तरह ठप हो जाएगा। इस औद्योगिक अशांति के लिए रेल
प्रशासन ही जिम्मेदार होगा।
प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने 27
सूत्री ज्ञापन मंडल रेल प्रबंधक विद्याभूषण को सौंपा। सभा में एसोसिएशन के
मंडल अध्यक्ष जेपी मिश्र, नीलमणि प्रकाश, एसके शर्मा, सुनील कुमार, एसके
चौबे, अमित कुमार, जावेद अख्तर, नेम कुमार नीरज, जेपी कुशवाहा, अनिल
प्रसाद, संजीव कुमार आदि नेताओं ने विचार वयक्त किए।