जिला अस्पताल में दवा की पर्ची लेने और दवा लेने के लिए ओपीडी के बाहर खड़ी महिलाएं व पुरुष। संवाद
रुक-रुक कर हो रही बारिश से जनपद में जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है। सड़कों और गलियों में जमा पानी से डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, डायरिया और फंगल इन्फेक्शन जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
सोमवार को जिला अस्पताल में पहुंचने वाले कुल 1400 मरीजों में 400 से ज्यादा मरीज मौसमी बीमारियों से पीड़ित रहे। पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय में इन दिनों मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।
प्रतिदिन करीब 1400 से अधिक मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर, दवा वितरण केंद्र और पैथोलॉजी जांच इकाई पर सुबह से ही लंबी कतारें दिखीं।
फिजिशियन डॉ. संजय कुमार ने बताया कि बारिश के बाद मच्छरों की बढ़ती संख्या से डेंगू और मलेरिया का खतरा अधिक होता है। हैजा और डायरिया दूषित पानी और भोजन से फैलते हैं, जिससे दस्त और उल्टी की समस्या होती है।
टाइफाइड सैल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया से होता है जो संक्रमित भोजन या पानी के माध्यम से फैलता है। फंगल इन्फेक्शन नमी और गीलापन बढ़ने से त्वचा पर संक्रमण का खतरा बढ़ाता है।
हमेशा उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीएं
जिला अस्पताल के डॉक्टर आर.के. वर्मा ने कहा कि हमेशा उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीएं। भोजन को ढककर रखें और हाथों को साबुन से बार-बार धोएं। आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी और रिपेलेंट का उपयोग करें। पैरों और नमी वाले हिस्सों को सूखा व साफ रखें ताकि फंगल संक्रमण न हो। किसी भी प्रकार के बुखार, चकत्ते या उल्टी-दस्त की स्थिति में स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें।