हाईवे पर स्कूल बस में लगे अग्निशमन यंत्र की जांच करती पीटीओ अनीता वर्मा। स्रोत:-जागरूक पाठक
पीडीडीयू नगर। मिशन सेफ फ्यूचर के तहत जिले में स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। शनिवार को परिवहन विभाग की यात्रीकर अधिकारी अनिता वर्मा के नेतृत्व में जांच के दौरान अनियमितता मिलने पर एक स्कूली वाहन को सीज कर दिया गया, जबकि पांच वाहनों का चालान किया गया। यात्रीकर अधिकारी अनिता वर्मा ने बताया कि जांच के दौरान चालान किए गए पांच वाहनों में तीन स्कूली वाहन परमिट की शर्तों का उल्लंघन करते पाए गए। वहीं दो वाहनों के पास प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं मिला। इसके अलावा अभियान के दौरान स्कूली वाहनों में अनिवार्य सुरक्षा मानकों की भी जांच की गई। अधिकारियों ने अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट-एड बॉक्स, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, इमरजेंसी विंडो सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों का निरीक्षण किया।
बताया कि एकीकृत विद्यालयी अनुश्रवण पोर्टल पर जिले में कुल 794 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 40 वाहनों की फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है। विभाग ने ऐसे सभी वाहनों के संबंध में संबंधित स्कूल प्रबंधकों को नोटिस जारी कर वाहन की मरम्मत कराने और फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अनफिट वाहनों की फिटनेस परिवहन कार्यालय अथवा निकटतम एटीएस सेंटर पर कराई जा सकती है। एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम ने बताया कि निर्धारित समय के भीतर फिटनेस और परमिट संबंधी औपचारिकताएं पूरी नहीं करने वाले वाहनों के पंजीयन को निलंबित करने के साथ ही निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी। इसका उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मानकों के अनुरूप ही स्कूली वाहनों का संचालन कराना है।
बताया कि 8 से 15 जुलाई तक परिवहन विभाग, यातायात पुलिस, स्थानीय पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीमें जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाएंगी। इस दौरान बिना फिटनेस, बिना वैध परमिट, प्रदूषण प्रमाणपत्र के अभाव या सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संवाद