पड़ाव। चंदौली नगर पंचायत को नगर पालिका का दर्जा दिए जाने का प्रस्ताव भेजे जाने के बाद अब पड़ाव को नगर पंचायत बनाने की मांग उठने लगी है। इलाके के लोगों ने नगर पंचायत का दर्जा देकर क्षेत्र के गांवों को शामिल करने की मांग की है। ताकि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विकास हो सके।
बहादुरपुर गांव के पूर्व प्रधान बिरेंद्र यादव का कहना है कि पिछली सरकार में भी पड़ाव को नगर पंचायत का दर्जा देने के लिए पत्रक सौंपने गया था। लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। जबकि आबादी बढ़ने से बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। वहीं रतनपुर के अरुण कुमार मौर्य और पड़ाव व्यापार मंडल के अध्यक्ष मेराज अहमद का कहना है बुनियादी सुविधाओं के नाम पर पड़ाव सहित आसपास के गांवों में कुछ भी नहीं है। बिजली, सड़क, पानी और सफाई की समस्या से यहां के लोग जूझ रहेे हैं। ऐसे में पड़ाव को नगर पंचायत बनने से विकास का रास्ता साफ होगा। वहीं जैनुल आब्दीन का कहना है कि विकास के क्षेत्र में पूरा इलाका पिछड़ा हुआ है। नगर पंचायत बनने से यहां पेयजल, सफाई, बिजली, सड़क आदि का विकास होगा। जिले के मढिया न्याय पंचायत के गांव बहादुरपुर, मढ़िया, जलीलपुर, चौरहट, भोजपुर, रतनपुर, सेमरा, कटेसर, बखरा, चांदीतारा, व्यासपुर, नींबूपुर, साहूपुरी आदि गांव मिलकर नगर पंचायत की सभी मानकों को पूरा करते हैं। कहा कि नगर पंचायत नहीं बनने व गांव की आबादी ज्यादा होने के कारण ये गांव सर्वांगीण विकास से दूर होते जा रहे हैं। इन गांवों को नगर पंचायत बना देने से ग्रामीणों को काफी सुविधा मिलने लगेगी। शासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए पड़ाव को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की मांग की है।