पीडीडीयू नगर। जिलेभर में चल रही विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए बालू, सीमेंट, गिट्टी और अन्य सामानों की आपूर्ति की आड़ में काफी संख्या में ट्रक इन सामानों को लेकर धड़ल्ले से अलीनगर, सकलडीहा, बलुआ होते हुए वाराणसी और गाजीपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों में पार हो रहे हैं। ऐसे वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए यातायात विभाग अब यातायात-एप बनाने जा रहा है। इस एप में निर्माण कार्यों के लिए सामग्री लेकर आने वाले वाहनों का डेटा फीड होगा। उसी के आधार पर उन्हें प्रवेश मिलेगा। जिससे कि योजनाओं के नाम पर निर्माण सामग्री लेकर अवैध तरीके से आने वाले ट्रकों पर रोक लगाई जा सके और इन मार्गों पर लगने वाले घंटों जाम की समस्या से निजात मिल सके।
यातायात विभाग इस पर तेजी से काम कर रहा है। विभाग के अनुसार एक सप्ताह में ‘यातायात-एप’ के माध्यम से विकास कार्यों के लिए निर्माण सामग्री लेकर आने वाले ऐसे ट्रकों की आवाजाही शुरू करा दी जाएगी। ताकि विकास योजनाओं के नाम पर निर्माण सामग्री लेकर आने वाले अवैध ढंग के वाहनों पर सख्ती की जा सके। जिले में रिंग रोड, रेलवे ओवर ब्रिज, रेलवे अंडरपास और हाइवे निर्माण समेत विभिन्न प्रकार की विकास से जुड़ी योजनाओं पर कार्य हो रहा है। इसमें बालू, गिट्टी, सीमेंट, राख समेत अन्य सामानों की आपूर्ति की जाती है। परियोजना में आपूर्ति के नाम पर कई ट्रक अवैध तरीके से जिले में प्रवेश कर गाजीपुर और वाराणसी समेत विभिन्न क्षेत्रों की ओर निकलते थे। जिससे जिले के कई मार्ग पर भंयकर जाम लग जाता था। जाम को लेकर कई बार पुलिस को भी काफी परेशानी उठानी पड़ती थी। ऐसे ट्रकों पर लगाम लगाने के लिए यातायात विभाग एक ‘एप’ की तैयारी में जुटा है।
ऐसे करेगा यातायात-एप काम
विकास कार्यों के नाम पर सामानों की आपूर्ति करने वाले ट्रकों को जिलाधिकारी के माध्यम से एक अनुमति प्राप्त करनी होगी। इसके बाद वह सूची यातायात विभाग के पास आएगी। यातायात विभाग ट्रकों की सूची को सर्वर पर लोड कर देगा। इसके बाद मौके पर तैनात पुलिसकर्मी ‘एप’ के माध्यम से ट्रक नंबर के अंतिम चार संख्या डालकर पूरा विवरण हासिल कर लेंगे। इस एप में ट्रकों की संख्या, अनुमति देने वाले अधिकारी का नाम, फर्म का नाम, अनुमति की वैधता की तिथि तक अंकित होगी। जिन ट्रकों का डिटेल इस सूची में नहीं होगी वह आगे नहीं जा सकेंगे। इसके साथ लोकल स्तर पर बालू-गिट्टी व्यवसाइयों को सप्लाई करने वाले लोगों को सीओ स्तर से अनुमति मिल सकेगी।
जिलाधिकारी की अनुमति के बाद ट्रकों की सूची सर्वर पर अपलोड की जाएगी। सर्वर से एप को जोड़ा जाएगा। एप में दर्ज ट्रकों के विवरण के आधार पर ही उन्हें छोड़ा जाएगा। इससे ट्रकों की संख्या में कमी आएगी और नो इंट्री खुलने के बाद लगने वाले जाम से निजात मिल सकेगी। - गोपाल गुप्ता, यातायात निरीक्षक, चंदौली
लाल पास में हुआ था भ्रष्टाचार
पीडीडीयू नगर। विभिन्न परियोजनाओं में जाने वाले बालू, गिट्टी लदे ट्रकों के लिए लाल पास जारी किया गया था। पास लागू होने के बाद उसमें भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आये। इस मामले में किरकिरी होने बाद जिला प्रशासन ने पास को बंद कर दिया और सभी ट्रकों को जाने की छूट दे दी। इसके चलते नो इंट्री खुलने के बाद हर रात आठ सौ से नौ सौ ट्रक पास होने लगे है। जो कि जाम का कारण बन जा रहा है। संवाद
टैक्स बचाने के लिए अलीनगर से होकर गुुजरते हैं ट्रक
पीडीडीयू नगर। वाराणसी को होकर गाजीपुर जाने के दौरान टोल, डीजल की खपत के साथ ही ओवरलोड ट्रकों पर टोल अधिक लगने का खर्च ट्रक स्वामियों पर बढ़ जाता है। डीजल के खर्च समेत टोल व राजस्व को बचाने के चक्कर में अधिकतर ट्रक अलीनगर नगर , सकलडीहा और बलुआ होते हुए गाजीपुर और वाराणसी की ओर जाते है। संवाद