विकासखंड क्षेत्र के सात गांवों में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत शौचालय निर्माण समेत 14वां केंद्रीय वित्त आयोग से हुए कार्यों में घोटाले पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शनिवार को एडीओ पंचायत प्रेमचंद्र ने पूर्व प्रधानों और पंचायत सचिवों को नोटिस जारी दिया है। इससे उनमें खलबली मची है। आरोपी पूर्व प्रधान व सचिव 28 व 29 जून को जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत होकर कार्य में अनियमितता के बाबत अपना पक्ष रखेंगे।
तत्कालीन जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने शिकायत के आधार पर नौगढ़ विकासखंड के सात गांवों में शौचालय निर्माण से लेकर हैंडपंप रीबोर, वॉल पेंटिंग, इंटरलॉकिंग के कार्य की जांच कराई थी। जिसमें कई अनियमिततायें मिली थी। जिसपर नौगढ़ और चकरघट्टा थाने तत्कालीन प्रधान और सचिवों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। विकास कार्यो में अनियमितता के मामले में रिकवरी के लिए वर्तमान जिलाधिकारी चंदौली संजीव सिंह ने फिर से जांच टीम गठित की है। इसमें पंचायत सचिव आशीष साहनी और संजीव सिंह के अलावा महेंद्र सिंह, आशुतोष सिंह, शिव बली प्रसाद, सौरभ कुमार, महेंद्र मौर्य को नोटिस दिया गया है। वहीं पूर्व प्रधान रामदीन, मुनिया, किरण, प्रियंका, रूपा, फुल गेंद खरवार, शबनम को भी नोटिस देकर कार्रवाई की जा रही है। विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप में 28 व 29 जून को जांच अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होकर अपना-अपना पक्ष रखेंगे। इससे क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। डीपीआरओ ब्रह्मचारी दूबे का कहना है कि जिलाधिकारी की ओर से मामले की जांच के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम बनाई गई हे। इसमें एक्सईएन भी शामिल है। टीम ग्राम प्रधानों और सचिवों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट देगी। उनके कार्यकाल में 14वें वित्त आयोग के कार्यों की जांच भी कराने का निर्देश दिया गया है।