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तत्काल टिकट पाना बहुत आसान नहीं

Thu, 07 Jan 2016 01:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
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रेलवे का तत्काल टिकट पा लेना आसान नहीं है। अधिक मूल्य चुकता करने के बाद टिकट कन्फर्म होने की कोई गारंटी नहीं है। वहीं दूसरी तरफ टिकट कन्फर्म न हुआ तो टिकट का कोई रिफंड नहीं मिलना है।
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ऐसी योजनाओं के नाम पर यात्रियों की जेब पर बोझ बढ़ता जरूर जा रहा है। मुगलसराय रेलवे स्टेशन स्थित आरक्षण काउन्टर की  तत्काल विंडो खुलते ही यात्रियों की लाइन तो काफी लंबी होती है, लेकिन तत्काल श्रेणी कन्फर्म टिकट पाने वालों की संख्या एक या दो है।

बाकी लोग बिना टिकट लिये ही वापस लौट जाते हैं और अंत में टिकट दलालों की शरण लेनी पड़ती है।
मुगलसराय रेलवे मंडल का मुख्यालय होने के कारण डीआरएम, एडीआरएम, सीनियर डीसीएम से लेकर अपने- अपने विभागों के सभी आलाधिकारी यहीं बैठते हैं।

बावजूद इसके टिकट आरक्षण कार्यालय पर  दलालों का पूरा कब्जा रहता है। सबसे ज्यादा परेशानी तत्काल श्रेणी में टिकट लेने वालों को होती है। लाइन में लगने के बाद भी टिकट नहीं मिल पाता है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने यात्रियों को तत्काल सुविधा में टिकट देने के लिए आन लाइन बुकिंग करने वाले एजेंटों के समय को भी बदल दिया है।
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सुबह दस बजे से ग्यारह बजे तक एसी में सफर करने वालों के लिए व ग्यारह से बारह बजे तक तत्काल की बुकिंग स्लीपर क्लास वालों के लिए रहती है। समय के पहले लाइन लगने के बाद सिर्फ एक या दो यात्री ही तत्काल श्रेणी में कन्फर्म टिकट ले पाते हैं।


घर से ही रेल टिकट बुक कराने के लिए रेल मंत्रालय ने आन लाइन बुकिंग सुविधा प्रारंभ की थी। लेकिन इस पर भी दलाल पूरी तरह से हावी हो गए हैं। आये दिन ट्रेन से यात्रा करने वाले नगरवासी सतपाल सिंह ने बताया कि रेलवे द्वारा आनलाइन बुकिंग की सुविधा दी तो गयी है लेकिन जब भी टिकट बुक करने जाइये, तो सर्वर ही काम नहीं करता है। अंत में दलालों से महंगे दामों पर टिकट खरीदना पड़ता है।

वहीं नगरवासी मनोहर गुप्ता ने बताया कि सरकार भले ही यात्रियों के लिए नई -नई सुविधाएं प्रदान कर रही है लेकिन इसका लाभ यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है।


बुधवार को काउन्टर से टिकट लेने आये आलोक यादव ने बताया कि आरक्षित टिकट लेना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। पहले तो टोकन के झंझावत से निपटना और फिर खड़े होकर घंटों अपनी बारी का इंतजार करना। इसके बाद भी टिकट मिलने की कोई गारंटी नहीं है। कहा कि सरकार दावे तो बहुत करती है लेकिन बुनियादी स्तर पर सभी हवा हवाई साबित हो रहे है।


वहीं कूढ़े खुर्द निवासी संदीप कुमार ने बताया कि मुगलसराय रेलवे स्टेशन की रिजर्वेशन विंडो पूरी तरह दलालों के कब्जे में है। आम यात्री को बिना फार्म भरे टोकन नंबर नहीं मिलता। लेकिन हमेशा खिड़की पर टिकट लेने के लिए खड़े   रहने वाले टिकट दलाल बिना फार्म भरे ही टोकन ले लेते है।
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