नगर और ग्रामीण इलाकों में जल निकासी के कोई प्रबंध नहीं हैं। ऐसे में आगामी बारिश का मौसम मुसीबतें ले कर आएगा। मौजूदा समय की बात करें तो मुख्यालय पर जलनिकासी का प्रमुख स्रोत मुख्य नाला है। जिसकी सफाई के प्रति नगर पंचायत पूरी तरह लापरवाह बना है। पंचायत की ओर से साफ सफाई तो कराई जा रही लेकिन मानक के अनुसार नहीं। वहीं ग्रामीण इलाकों में जलनिकासी से जुड़े सभी मामले ठंडे बस्ते में हैं। यदि ऐसे में अचानक बारिश हुई तो पूरे इलाका जलजमाव की समस्या से जूझेगा।
जनपद में मुगलसराय नगर पालिका, तीन नगर पंचायत चंदौली, चकिया और सैयदराजा है। यहां एक मुख्य नाला व कई नालियां है। उक्त नाला नगर के दक्षिणी छोर से शुरू होता है, जो कई इलाकों और वार्ड को पार करते हुए रायल ताल तक जाता है। नाला कई स्थानों पर अतिक्रमण की चपेट में है। इसके अलावा कूड़े-करकट व झाड़-झंखाड़ से कई स्थानों पर यह पूरी तरह से पट चुका है। ऐसे में बारिश के मौसम में जलनिकासी की समस्या उत्पन्न हो जाती है। और नगर के निचले इलाके डूब जाते हैं। इतना नहीं नहीं जल निकासी को वार्डों में बनी नालियां नियमित रखरखाव व साफ-सफाई के अभाव में क्षतिग्रस्त व कूड़े से पटकर बजबजा रही हैं। कई इलाके तो ऐसे हैं जहां नालियों का पानी सड़क पर बह रहा है।
सर्विस रोड किनारे मौजूद घरों व प्रतिष्ठानों के जल निकासी के लिए प्रशासन ने साढ़े दस लाख रुपये खर्च करके नालियां तो बनाई, लेकिन उसकी निकासी बनाना प्रशासन भूल गया और इस भूल का खामियाजा जनता भुगत रही है। नाबदान का पानी सर्विस रोड पर बह रहा है।