मौसम में आए बदलाव के बाद नाक, कान, गला के मरीजों की परेशानी बढ़ी है। सुबह- शाम हल्क ठंड और दिन में धूप होने से सर्दी जुखाम, बुखार के मरीज भी बढ़े हैं। पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय में नाक, कान व गला रोगियों का इजाफा हुआ है। प्रतिदिन सबसे अधिक मरीज ओपीडी में इलाज करा रहे हैं।
एक हजार की ओपीडी में लगभग डेढ़ सौ से अधिक मरीज नाक, कान, गला के ओपीडी में इलाज करा रहे हैं। यहां पर डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम देखभाल कर उनका सकुशल इलाज कर रही है।
नाक में मस्सा होना एलर्जी का एक प्रमुख कारण होता है जिसके चलते नाक में समस्या होती है। यही नहीं कोई प्रकार का कान और नाक के साथ गले में दर्द हो तो तत्काल चिकित्सक से सलाह लेकर उपचार कराना चाहिए। ऐसे मौसम में नवजात शिशुओं का देखभाल ज्यादा सावधानी से करना चाहिए। प्रो. प्रदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि अगर नाक, कान, गले में किसी भी प्रकार की कोई भी परेशानी हो तो विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें।