स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। अस्पतालों में मोबाइल नंबर बताने पर ही पर्ची बन रही है। यह व्यवस्था वानांचल क्षेत्र के लोगों को दर्द दे रहा है।
नौगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली के चलते आधार कार्ड और मोबाइल नंबर न होने पर मरीजों की पर्ची नहीं बन पा रही है। इससे 25 किलोमीटर दूर से आने वाले मरीज बिना इलाज के ही लाैटने को विवश है।
इस सीएचसी पर एक लाख से अधिक की आबादी निर्भर है। यहां आर्थिक रूप से कमजोर और निरक्षर मरीज ज्यादा आते हैं। उनके पास न मोबाइल फोन होता है न तकनीकी जानकारी। पर्ची न बनने पर मजबूरी में मरीजों को दर्द के साथ लाैटना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में पर्ची काटने वाले कर्मचारी आधार कार्ड और मोबाइल नंबर की मांग करते हैं। मोबाइल नंबर न देने पर वे कहते हैं कि मोबाइल के बिना पर्ची नहीं बनेगी। सह लो दर्द यहां बार-बार पर्ची के लिए न लगाओ अर्जी।