चंदौली के गोधना मोड़ पर सवारी भरती बिहार के कैमूर नंबर की बस। संवाद
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पीडीडीयू नगर। बिहार के कैमूर, रोहतास और सासाराम से चंदौली तक 80 से अधिक बसें बिना परमिट के सवारियां लेकर आती-जाती हैं। इनमें ज्यादातर बसें पुरानी बताई जा रही हैं।
वहीं, कई बसें परमिट की शर्तों के विपरीत संचालित हो रही हैं। इन बसों में न तो प्राथमिक उपचार के लिए फर्स्ट एड बॉक्स है और न ही आग से बचाव के लिए अग्निशमन यंत्र। इसके बावजूद सीटों की क्षमता से दोगुने यात्रियों को बैठाकर सफर कराया जा रहा है।
टेंगरा मोड़, गोधना मोड़, चंदौली बाजार और सैयदराजा में इन बसों का ठहराव होता है, जहां खुलेआम सवारियां भरी जाती हैं। जबकि दूसरे राज्य की बसें निजी परमिट पर आ-जा तो सकती हैं, लेकिन रोजाना सवारियां नहीं ढो सकतीं।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले चार महीने में चलाए गए विशेष अभियान में 27 बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें 22 बसों का चालान किया गया, जबकि पांच बसों को सीज किया गया। चालान के जरिये करीब 1.50 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
जांच में सबसे ज्यादा 15 बसों के खिलाफ परमिट की शर्तों के उल्लंघन पर कार्रवाई हुई। वहीं, तीन बसों के चालकों के लाइसेंस में अनियमितता और चार बसों में निर्धारित क्षमता से ज्यादा यात्रियों को बैठाने पर चालान किया गया। वहीं, गंभीर खामियां मिलने पर पांच बसों को सीज किया गया।