-पड़ताल का लोगो-
नौ रेलवे स्टेशनों पर नहीं पीने का पानी, कहीं हैंडपंप खराब तो कहीं टोटियां गायब
पीडीडीयू जंक्शन को छोड़ सभी छोटे स्टेशनों पर पेयजल की समस्या से रोज जूझते हैं पांच हजार यात्री
संवाद न्यूज एजेंसी
सचित्र-19 से 24
पीडीडीयू नगर। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने 512 गैर-उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और सफाई व्यवस्था का ऑडिट किया। इनमें कई स्टेशनों पर पेयजल की गुणवत्ता में खामियां मिली हैं। चंदौली जिले के 10 स्टेशनों की पड़ताल की गई ताे नौ पर पेयजल व्यवस्था बदहाल मिली। कहीं महीनों से हैंडपंप खराब हैं तो कहीं पेयजल बूथ की टोंटियां गायब हैं। जहां टोटियों से पानी आ रहा है, वहां गंदगी के कारण यात्री पानी पीने की हिम्मत नहीं जुटा पाते।
चंदौली जिले में हावड़ा-नई दिल्ली रूट के पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से 30 हजार से ज्यादा यात्री आते-जाते हैं। जिले का प्रमुख स्टेशन होने के कारण यहां तो अधिकारी सक्रिय रहते हैं लेकिन छोटे स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाएं तक यात्रियों को नहीं मिल रहीं। पटना रूट पर कुचमन, सकलडीहा, तुलसी आश्रम, धीना और बहोरा चंदेल स्टेशन से करीब चार हजार यात्री आते-जाते हैं लेकिन बिजली-पानी और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं बदहाल हैं। यही हाल गया रूट के गंजख्वाजा, चंदौली और सैयदराजा स्टेशन का भी है। इन स्टेशनों से रोज एक हजार से ज्यादा यात्री आवागमन करते हैं लेकिन पेयजल तक के लिए उन्हें परेशान होना पड़ता है। वाराणसी रूट पर व्यास नगर स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है लेकिन अभी यहां भी यात्री सुविधाओं का टोटा है।
कोट-
रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं दुरुस्त कराई जा रही हैं। पेयजल बूथों के पास सफाई का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। पानी की गुणवत्ता की भी नियमित जांच होती है। जहां शिकायतें मिलती हैं, वहां तुरंत कार्रवाई की जाती है। - विश्वनाथ, जनसंपर्क अधिकारी, पीडीडीयू मंडल
केस- 1
सकलडीहा स्टेशन पर लगे तीन हैंडपंप, दो खराब
सकलडीहा रेलवे स्टेशन पर पेयजल और शौचालय की व्यवस्था बदहाल है। स्टेशन परिसर में लगे तीन हैंडपंपों में से दो खराब पड़े हैं। यहां रोज सात जोड़ी ट्रेनें रुकती हैं और तीन से पांच सौ यात्री आते-जाते हैं। स्टेशन मास्टर सुधीर कुमार ने बताया कि अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया है।
केस-2
कुचमन स्टेशन पर टोंटियां गायब, गंजख्वाजा में हैंडपंप के पास उगी है घास
गंजख्वाजा रेलवे स्टेशन पर हैंडपंप के साथ सबमर्शिबल पंप लगाया गया है। हैंडपंप खराब पड़ा है और सबमर्सिबल पंप से सिर्फ कर्मचारियों को पानी की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में यात्रियों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। वहीं, कुचमन स्टेशन पर भी हैंडपंप खराब पड़ा है और पेयजल बूथ की टोंटियां लंबे समय से गायब हैं। यहां भी यात्रियों को पानी नहीं मिलता।
केस : 3-
सैयदराजा में पेयजल बूथ के पास गंदगी का अंबार
सैयदराजा स्टेशन पर रोज चार जोड़ी ट्रेनों का ठहराव होता है। यहां यात्रियों के लिए सात पेयजल बूथ बनाए गए हैं। प्रत्येक बूथ पर पानी की आठ टोटियां लगी हैं लेकिन सफाई नहीं होने के कारण गंदगी का अंबार लगा रहता है। इससे यात्रियों को पानी पीने में परेशानी होती है। यहां एक हैंडपंप भी लगा है लेकिन खराब है।
केस: 4
धीना स्टेशन पर चार में तीन हैंडपंप खराब
धीना रेलवे स्टेशन पर फरक्का सहित 10 जोड़ी ट्रेनें रुकती हैं और रोज 500 से ज्यादा यात्री आते-जाते हैं। यहां चार हैंडपंप लगे हैं, जिसमें से तीन खराब हैं। प्लेटफार्म संख्या एक और दो पर पेयजल बूथ बने हैं लेकिन टोंटियों से पानी ही नहीं आता। इससे यात्रियों को पानी के लिए भटकना पड़ता है।
कोट
रेलवे स्टेशन पर पेयजल की व्यवस्था बदहाल है। हैंडपंप खराब होने के कारण यात्रियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। रेल प्रशासन को बिजली-पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए। - चंदन, सकलडीहा
स्टेशन पर पेयजल बूथ तो बनाए गए हैं, लेकिन टोटियां ही गायब हैं। जहां पानी की सुविधा है, वहां गंदगी फैली हुई है। रेलवे की लापरवाही के कारण यात्री मजबूरी में बोतलबंद पानी खरीदते हैं। - आनंद कुमार सकलडीहा
सकलडीहा में खराब पड़ा हैंडपंप। संवाद
सकलडीहा में खराब पड़ा हैंडपंप। संवाद