फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandauli News: सीएचसी की इमरजेंसी पर भरोसा नहीं, कहीं तीन तो कहीं चार मरीज, खाली पड़े बेड

विज्ञापन
धानापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर खाली पड़े बेड। संवाद
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में इमरजेंसी सेवाएं मरीजों के अभाव में सूनी पड़ी हैं। 50 से ज्यादा गांवों की आबादी के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर चलाई जा रहीं इमरजेंसी सुविधाओं का पूरा लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। सीएचसी की इमरजेंसी में रोज महज तीन से चार मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। ज्यादातर बेड खाली पड़े रहते हैं।
विज्ञापन

जिले के सीएचसी में इमरजेंसी सेवा के लिए चिकित्सक, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, ऑक्सीजन, जीवनरक्षक दवाएं और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था उपलब्ध है। बावजूद इसके गंभीर मरीजों का पहला भरोसा जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पताल बने हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से भी मरीज सीधे बड़े अस्पतालों की ओर निकल जाते हैं। इससे सीएचसी स्तर पर तैयार स्वास्थ्य ढांचे का अपेक्षित उपयोग नहीं हो पा रहा है।


स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सड़क दुर्घटना, सर्पदंश, हार्ट अटैक, तेज बुखार, प्रसव और अन्य आपात स्थितियों में सीएचसी पूरी तरह सक्षम हैं। डॉक्टरों की नियमित ड्यूटी लगाई गई है और आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध हैं। इसके बावजूद लोगों में वर्षों से बनी यह धारणा कि सरकारी अस्पताल से रेफर कर दिया जाएगा, अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी है। यही कारण है कि छोटी-बड़ी आपात स्थिति में भी लोग निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं।
विज्ञापन




केस-1
चहनिया सीएचसी में पहुंचे सिर्फ तीन मरीज

रविवार को चहनिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की इमरजेंसी में डॉ. एस.के. मिश्रा ड्यूटी पर मौजूद रहे। पूरे दिन इमरजेंसी में केवल तीन मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें एक मृत अवस्था में लाया गया व्यक्ति, एक लूज मोशन का मरीज तथा एक बुखार एवं लीवर संबंधी बीमारी से पीड़ित मरीज शामिल रहा। सभी का तत्काल परीक्षण कर दवाएं उपलब्ध कराई गईं। ड्यूटी पर फार्मासिस्ट सत्यपाल, वार्ड ब्वॉय मदन और सुरक्षा कर्मी भी मौजूद रहे।


केस-2
धानापुर में चार मरीज पहुंचे, डॉक्टर और स्टाफ मौजूद मिले

धानापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की इमरजेंसी में निरीक्षण के दौरान सुबह तक केवल चार मरीज ही उपचार के लिए पहुंचे। ड्यूटी पर डॉ. विवेकानंद सहित पूरा स्वास्थ्य स्टाफ मौजूद मिला। मरीजों को प्राथमिक उपचार, इंजेक्शन तथा आवश्यक दवाएं दी गईं। गंभीर मरीजों को रेफर करने की व्यवस्था भी उपलब्ध मिली।
-

केस-3
बबुरी में रविवार को बंद रहती है स्वास्थ्य सेवा

बबुरी क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि रविवार को सरकारी अस्पताल बंद होने से उन्हें निजी क्लीनिक और झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे इलाज कराना पड़ता है। उनका आरोप है कि यदि छुट्टी के दिन कोई दुर्घटना, सर्पदंश या गंभीर बीमारी हो जाए तो सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था से तत्काल राहत नहीं मिलती। ग्रामीणों ने यहां 24 घंटे इमरजेंसी सेवा शुरू करने और रविवार को भी डॉक्टरों की तैनाती की मांग की है।
-

इनसेट
-

सीएचसी इमरजेंसी में उपलब्ध सुविधाएं
-

- 24 घंटे चिकित्सकों की ड्यूटी
ऑक्सीजन और इमरजेंसी बेड
जीवनरक्षक दवाएं
प्रशिक्षित स्टाफ नर्स एवं फार्मासिस्ट
प्राथमिक उपचार और रेफरल सुविधा
सर्पदंश, दुर्घटना और गंभीर मरीजों के उपचार की व्यवस्था


इनसेट



लोगों ने कहा, भरोसा टूटा है
सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई हैं। फिर भी लोगों को अभी भरोसा नहीं है। इसलिए निजी अस्पताल चले जाते हैं। जांच व दवाओं की सुविधा और मजबूत हो जाए तो गांव के लोग सीएचसी की इमरजेंसी का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे। -शुभम पांडेय, गुरेरा

-
रात में कोई बीमार होता तो लोग प्राइवेट अस्पताल जाते हैं। उन्हें लगता है कि सरकारी अस्पताल में इलाज में देर होगी या रेफर कर दिया जाएगा। सीएचसी में 24 घंटे डॉक्टर और इमरजेंसी की सुविधा उपलब्ध है, इस बारे में लोगों को जागरूक करना चाहिए। - राकेश मिश्रा, सेमरा


इनसेट


फिर भी क्यों नहीं पहुंच रहे मरीज?
-

निजी अस्पतालों पर बढ़ता भरोसा
- गंभीर मरीजों को रेफर किए जाने की आशंका
- जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज को प्राथमिकता
- सरकारी व्यवस्था के प्रति वर्षों पुरानी धारणा
- बेहतर जांच और विशेषज्ञ डॉक्टरों की अपेक्षा
-
कोट-
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सातों दिन 24 घंटे डॉक्टरों की तैनाती की गई है। जल्द ही इमरजेंसी कक्ष में ड्यूटी रोस्टर का बोर्ड लगाया जाएगा, ताकि लोगों को जानकारी मिल सके कि किस दिन कौन डॉक्टर तैनात रहेंगे। भरोसा दिलाता हूं कि सीएचसी की इमरजेंसी में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी और मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा।
विज्ञापन

- डॉ. पारितोष मिश्र, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चंदौली
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें