फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईएमए की हड़ताल से अलग मरीजों को सेवा देंगे नीमा के चिकित्सक

विज्ञापन
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की शुक्रवार को होने वाली हड़ताल से नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) ने इसमें शामिल नहीं होने का निर्णय लिया है। नीमा के सदस्य चिकित्सक अपनी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे और मरीजों को नि:शुल्क सेवा देंगे। यह जानकारी नीमा चकिया चंदौली के अध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता डॉ ओपी सिंह एवं सचिव डॉ जेए खान ने बृहस्पतिवार को नगर स्थित एक रेस्टूरेंट में आयोजित प्रेसवार्ता में दी।
विज्ञापन

प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि आयुर्वेद स्नातकों के सर्जरी (शल्यक्रिया) की अनुमति दिए जाने पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन अपने व्यक्तिगत लाभ के लिये इस निर्णय का विरोध कर रही है। आयुर्वेद विशुद्ध रूप से चिकित्सा विज्ञान है। इस विधा में बीएएमएस, एमएस, एमडी, की डिग्री हासिल की जाती है। सर्जरी की पात्रता करने वाले ही शल्य क्रिया कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने आयुर्वेद को शल्य के लिए शिक्षा के अनुसार 58 बीमारियों में अनुमति प्रदान की है। नीमा प्रदेश प्रवक्ता डॉ ओ पी सिंह ने कहा कि आईएमए ने 11 दिसंबर को स्वास्थ्य सेवा बंद करने का लान किया है। लेकिन देश में नीमा के चिकित्सक इस दिन नि:शुल्क मरजों की सेवा करेंगे। संगठन के उपाध्यक्ष डॉ मनोज सिंह ने आयुर्वेद के प्रति भेदभाव समाप्त करने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया। कोषाध्यक्ष डॉ संतोष शर्मा ने सभी का आभार जताया।
पीडीडीयू नगर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सदस्य चिकित्सकों ने शुक्रवार को कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। बीएएमएस के चिकित्सकों को शल्य क्रिया की अनुमति दिए जाने का चिकित्सक विरोध करेंगे और कार्य नहीं करेंगे। आकस्मिक एवं कोविड़-19 सेवाओं को छोड़कर बाकी कार्यों को ठप रखेंगे। बृहस्पतिवार को आईएमए के सचिव डॉ. राजेंद्र श्रीवास्तव के आवास पर हुई बैठक में चिकित्सकों ने एवं पदाधिकारियों की शुक्रवार को केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान का समर्थन करते हुए सेवा से अलग रहेंगे।
विज्ञापन

इस दौरान डॉ. प्रदीप गुप्ता, डॉ. सुमन सिंह ने कहा कि सरकार मेडिकल कालेज और सीटें नहीं बढ़ा रही हैं बल्कि स्वास्थ्य तंत्र में सभी को शामिल कर खिचड़ी तंत्री बनाना चाहती है। डॉ. नीलिमा सिंह ने कहा कि अप्रशिक्षित लोगों का गांवों में भेजकर इलाज कराना चाहती है। इस मौके पर डॉ. प्रज्ञा शालिग्राम, डॉ. वीएस गोयल, डॉ. केएन सिंह, डॉ. राजीव, डॉ. वीके अग्रवाल, डॉ. गुलरेज खान, डॉ. मनीष चौधरी, डॉ. सी सोम शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें