पीडीडीयू नगर। नगर के प्रमुख सीमेंट कारोबारी विष्णुकांत अग्रवाल और विक्रम चौधरी के कैलाशपुरी स्थित आवास पर बुधवार सुबह मध्य प्रदेश से आई आयकर विभाग की छह सदस्यीय टीम ने छापा मारा। रात दस बजे तक यानी 15 घंटे बाद भी आयकर विभाग के अधिकारी व्यवसायी की चल-अचल संपत्ति के कागजात खंगालने में जुटे थे। आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार लाखों रुपये की कर चोरी का मामला सामने आ सकता है।
आयकर विभाग की जांच में सीमेंट बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले क्लींकर की खरीद व उसकी खपत को लेकर कई अनियमितताएं सामने आई हैं। इसमें लाखों रुपये के कर चोरी का मामला सामने आने का अनुमान है। इस दौरान टीम में वाराणसी के अधिकारी भी शामिल रहे।
मध्य प्रदेश के आयकर विभाग की तीन गाड़ियों से छह सदस्यीय टीम ने बुधवार सुबह साढ़े सात बजे नगर के प्रमुख कारोबारी विष्णुकांत अग्रवाल और विक्रम चौधरी के कैलाशपुरी स्थित आवास पर छापा मारा। सीमेंट फैक्ट्री के अलावा व्यवसायी का नगर में होटल व शराब से जुड़ा बड़ा कारोबार है। टीम ने घर में घुसते ही गेट को बंद कर दिया और बाहर पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया। इस दौरान सभी के अंदर व बाहर आने जाने पर रोक लगा दी गई। टीम ने सबसे पहले कारोबारी के विभिन्न व्यवसायों से जुड़े कागजात मांगे। इसके बाद उन्होंने कारोबार में हुए लेने देन का ब्यौरा देखा। इसके बाद सभी बैंक खाते व उसमें जमा रुपये, विभिन्न अचल संपत्ति की जानकारी हासिल की। इस दौरान परिवार के सदस्यों द्वारा पहने गए जेवरों का भी विवरण मांगा गया। चल- अचल संपत्ति से जुड़े जानकारी होने के बाद टीम ने सभी दस्तावेजों का मिलान शुरू किया। इस दौरान टीम ने सीमेंट बनाने के लिए इस्तेेमाल होने वाले क्लींकर की खरीद और उससे सीमेंट बनाकर बेचने के कागजात देखे। टीम ने सीमेंट कारोबार का पूरा ब्योरा इकट्ठा किया है और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। 14 घंटे से अधिक समय रात करीब नौ बजे के बाद टीम व्यवसायी के घर पर मौजूद रही। नगर के प्रमुख व्यवसायी के यहां छापेमारी की सूचना पर अन्य व्यापारियों में हड़कंप मच गया। आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार लाखों रुपये कर चोरी का मामला सामने आ सकता है। टीम अभी जांच पड़ताल कर रही है।
पीडीडीयू नगर। नगर के प्रमुख सीमेंट कारोबारी की फैक्ट्री रामनगर औद्योगिक क्षेत्र में है। व्यवसायी के यहां सीमेंट के काले कारोबार का खेल पुराना है। मई 2018 में वहां निजी कंपनियों के नाम पर नकली सीमेंट बनाने की शिकायत मिली थी। तब निजी कंपनियों ने प्रशासन के साथ मिलकर वहां छापेमारी की थी। इस दौरान काफी संख्या में ब्रांडेड कंपनियों की खाली और सीमेंट भरी बोरियां, रैपर बरामद हुए थे। इस मामले में तब सीमेंट कारोबारी सहित तीन लोगों के खिलाफ मुगलसराय कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।