घंटों तक मोबाइल फोन या लैपटॉप पर झुके रहने की आदत अब लोगों को दर्द दे रहा है। मंडलीय जिला अस्पताल में हर सप्ताह करीब 10 से 12 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं, जिनकी गर्दन के पीछे मांसपेशियां सूजकर गांठ बना चुका हैं। चिकित्सकों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय तक झुकी हुई स्थिति में स्क्रीन देखने से उत्पन्न होती है। शुरुआत में हल्का दर्द या अकड़न महसूस होती है, लेकिन धीरे-धीरे गर्दन के पीछे ‘कूबड़’ जैसी स्थिति बन जाती है।
मंडलीय जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद कुमार के अनुसार, लंबे समय तक सिर झुकाकर मोबाइल फोन देखने से गर्दन पर शरीर का भार असामान्य रूप से बढ़ जाता है। इससे रीढ़ की हड्डियों और गर्दन की मांसपेशियों पर निरंतर दबाव पड़ता है, जो आगे चलकर स्थायी विकृति का रूप ले सकता है। उन्होंने बताया कि लगातार ऐसी स्थिति में बने रहने से नसों में खिंचाव, चक्कर आना, कंधों में जकड़न और सिरदर्द जैसी समस्याएं भी उभरने लगती हैं।डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि इस समस्या का स्थायी इलाज दवाओं से नहीं, बल्कि जीवनशैली और सही शारीरिक मुद्रा अपनाने से संभव है। यदि शुरुआती अवस्था में सावधानी बरती जाए और नियमित व्यायाम किया जाए, तो यह समस्या पूरी तरह ठीक हो सकती है।