नियामताबाद। अलीनगर थाना क्षेत्र के रेमा गांव में बच्चों के खेलने के विवाद ने बुधवार को खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। चचेरे भाई ने बबलू सोनकर (35) पर उकनी (सूअर को मारने के लिए सरिया से तैयार किया गया हथियार) से हमला कर दिया।
उकनी बबलू के पेट में घुस गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। राजकीय महिला चिकित्सालय में से उसे ट्रामा सेंटर रेफर किया गया, जहां बृहस्पतिवार को भोर में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतक की पत्नी आरती की तहरीर पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी और उसके पिता को हिरासत में ले लिया है।
रेमा गांव में मंगलवार की शाम बच्चों के बीच खेलने को लेकर विवाद हुआ था। बुधवार की शाम इसी बात पर बबलू सोनकर और उसके चाचा मोती सोनकर के बीच कहासुनी होने लगी।
बात बढ़ने पर दोनों में मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान मोती सोनकर का बेटा गोलू उर्फ राजा वहां पहुंचा और उकनी से बबलू पर हमला कर दिया। बबलू के पेट में उकनी घुसने से वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।
परिवार के लोग बबलू को लेकर राजकीय महिला चिकित्सालय पहुंचे। घटना की जानकारी मिलने पर अलीनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक गगनराज सिंह भी अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे ट्राॅमा सेंटर रेफर कर दिया, जहां बृहस्पतिवार को भोर में बबलू की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने बबलू के चाचा मोती सोनकर और उसके बेटे गोलू उर्फ राजा के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। सीओ पीडीडीयू अरुण कुमार सिंह ने बताया कि बबलू सोनकर की हत्या के मामले में नामजद दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।
बबलू, फाइलफोटो