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Chandauli News: सांसद दर्शना सिंह ने प्रोजेक्ट चीता के विस्तार की मांग की

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पीडीडीयू नगर। राज्यसभा में बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश में चीता संरक्षण की संभावनाओं का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। चंदौली की राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने शून्यकाल के दौरान सदन का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं और इन्हीं में प्रोजेक्ट चीता सबसे महत्वपूर्ण है।
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सांसद ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2022 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट ने लगभग 70 साल बाद भारत में चीतों की वापसी को संभव बनाया। 17 सितंबर 2022 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान से आरंभ हुए इस अभियान ने भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है। 1952 में चीते को भारत में विलुप्त घोषित कर दिया गया था। वर्तमान में चीतों का सुरक्षित रहना और उनका प्रजनन भारत की संरक्षण नीति को मजबूत बनाता है।
दर्शना सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच है कि विकास और पर्यावरण—दोनों साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं। प्रोजेक्ट चीता इसी संतुलन का उदाहरण है, जिसने संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी में वन क्षेत्र के विस्तार, दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में हुई प्रगति और संरक्षण मॉडल की भी सराहना की।
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सांसद ने सुझाव दिया कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और जैव-विविधता से भरपूर राज्य में चीता संरक्षण केंद्र या अभयारण्य स्थापित करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। इससे इको-टूरिज्म, स्थानीय रोजगार और बुनियादी ढांचे का विकास तेज होगा।
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अपने वक्तव्य के अंत में उन्होंने वन एवं पर्यावरण मंत्री से आग्रह किया कि उत्तर प्रदेश में प्रोजेक्ट चीता के विस्तार पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
संसद में उठाए गए इस मुद्दे को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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