ताराजीवनपुर। अलीनगर थाना के रेवसां गांव के समीप तेज रफ्तार ट्रक ने मंगलवार की भोर में सड़क पार कर रहे मासूम और दो महिलाओं को कुचल दिया। जिससे एक ही परिवार के मासूम सहित तीन लोगों की मौत हो गई। तीनों आलमपुर गांव में छठ पूजा देखने जा रहे थे। इसके पहले रेवसा गांव में सड़क के किनारे मेघा बाबा का दर्शन किए। दर्शन के बाद जैसे ही नेशनल हाईवे के किनारे से तीनों पैदल जाने लगे तभी ट्रक की चपेट में आ गए।
अलीनगर थाना के रेवसा गांव निवासी सुखराम की पत्नी कुमारी देवी (52) अपनी बहू चांदनी (27), पौत्र सौरभ कुमार (7) के साथ मंगलवार की सुबह 5 बजे आलमपुर गांव में तालाब पर छठ पूजा देखने के लिए निकले थे। तीनों गांव के बाहर सड़क के किनारे स्थित मेघा बाबा का दर्शन कर जैसे ही नेशनल हाईवे पार करने लगे। इसी बीच पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर की तरफ से तेज रफ्तार ट्रक बेकाबू हो गया और तीनों को कुचलते हुए मंदिर को क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं मंदिर के बगल में खड़ी बाइक और गुमटी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। शोर सुनकर जब तक लोग जुटते इसके पहले ही ट्रक चालक वाहन को लेकर भाग गया।
सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सड़क दुर्घटना की सूचना पाकर अलीनगर थानाध्यक्ष अनिल पांडेय दल बल के साथ मौके पर पहुंच गए। इस दौरान ग्रामीणों ने जाम लगाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने समझा बुझाकर शांत करा दिया। इसके बाद तीनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर आगे की कार्रवाई शुरू की है। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से पूरा गांव मर्माहत है।
कोट
रेवसा गांव के समीप मंगलवार की भोर में सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है। दुर्घटना में शामिल ट्रक की तलाश की जा रही है।
अनंत चंद्रशेखर, एएसपी, चंदौली
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एक साथ जले सास बहू और पोते का शव
ताराजीवनपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटना में मृत सास, बहू और पोते के शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। अवधूत भगवान राम गंगा घाट पर एक साथ तीन शवों का अंतिम संस्कार देख हर किसी का कलेजा मुंह को हो गया। दुर्घटना में मृत कुमारी देवी के शव को उसके पति सुखराम ने मुखाग्नि दी। वहीं उसके बेटे रंजीत कुमार ने अपनी पत्नी चांदनी देवी और पुत्र सौरभ कुमार के शवों का अंतिम संस्कार किया। रंजीत कुमार की नौ वर्ष पहले चांदनी देवी से शादी हुई थी। दोनों से सौरभ के साथ एक बेटी पांच वर्ष की है। पिता सुखराम और बेटा रंजीत दोनों मजदूरी कर परिवार का पेट पालते थे। पत्नी और बेटे की मौत के बाद अब रंजीत पर पांच वर्षीय बेटी को पालने की जिम्मेदारी आ गई है। वहीं कुमारी देवी की मौत के बाद रंजीत के साथ चार बेटे और एक बेटी का रो रोकर हाल बेहाल रहा।
ताराजीवनपुर के रेवसा में महिला और बच्चे की मौत के बाद रोते बिलखते परिवार के लोग। संवाद