नौगढ़ के पंडी गांव में बेटे के बाद मां की मौत पर रोते बिलखते परिवार के सदस्य। स्रोत: जागरूक पाठ
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नौगढ़। पंडी गांव में एक ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जंगल में बकरी चराने गए लालमनी (62) का शव मिलने के अगले दिन शुक्रवार को उनकी 80 वर्षीय मां सोमरी की भी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद से ही वह सदमे में थीं। शुक्रवार सुबह तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाने से पहले उनकी मौत हो गई। परिवार में 24 घंटे के भीतर दो मौतों से गांव में शोक की लहर है।
लालमनी बुधवार सुबह अपनी 34 बकरियों को लेकर जंगल में चराने गए थे। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश की, लेकिन पता नहीं चला। गुरुवार को परिजनों और ग्रामीणों ने जंगल में खोजबीन की तो लालमनी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। उनके साथ गईं 34 बकरियां भी लापता थीं। परिजनों ने हत्या कर बकरियां लूटे जाने की आशंका जताई।
सूचना पर नौगढ़ थाना पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर जांच शुरू की। क्षेत्राधिकारी देवेंद्र कुमार ने भी मौके पर पहुंचे थे। लालमनी की मौत और बकरियों के लापता होने की गुत्थी अभी सुलझ नहीं सकी है।
उधर, बेटे की मौत के बाद से सोमरी लगातार विलाप कर रही थीं। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और कुछ समय बाद ही उनकी मौत हो गई। मां-बेटे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी मातम पसरा है।
नौगढ़ के पंडी गांव में बेटे के बाद मां की मौत पर रोते बिलखते परिवार के सदस्य। स्रोत: जागरूक पाठ- फोटो : 1