चहनिया। पश्चिम वाहिनी गंगा में मौनी अमावस्या पर दो लाख से अधिक स्नानार्थियों ने मौन रख कर आस्था की डुबकी लगाई। पश्चिमवाहिनी गंगा तट पर सुबह से दोपहर बाद तक हर हर गंगे और हर हर महादेव के जयकारे की गूंज होती रही। स्नान ध्यान के बाद भक्तों ने दान पुण्य किया। इस मौके पर गंगा तट पर भव्य मेला लगा रहा। यहां लोगों ने खूब खरीदारी की।
पूरे भारत में सिर्फ तीन स्थानों पर पश्चिम वाहिनी गंगा हैं। गंगा के उद्गम स्थल गौमुख और बंगाल की खाड़ी के साथ तीसरे स्थान पर बलुआ में गंगा पश्चिम वाहिनी बहती हैं। इसी वजह से मौनी अमावस्या पर यहां स्नान का अलग ही महत्व है। बृहस्पतिवार से ही स्नानार्थी बलुआ गंगा घाट पहुंचने लगे थे। शुक्रवार की भोर में शुभ मुहूर्त में स्नान ध्यान का सिलसिला शुरू हो गया। दिन चढ़ने के साथ ही स्नानार्थियों का रेला बढ़ता गया। जिले के साथ ही बिहार से बड़ी संख्या में स्नानार्थी यहां पहुंचे। स्नान के बाद भक्तों ने तिल, गुड़, चूड़ा, लाई और खिचड़ी का दान किया। इस दौरान यहां सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और पीएसी के साथ एनडीआरएफ की टीम लगी रही। स्वास्थ्य शिविर में लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई।
जिला प्रशासन रहा मुस्तैद
चहनिया। पश्चिम वाहिनी मेले में आए स्नानार्थियों को किसी प्रकार दिक्कत न हो, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। मेले में जहां सादे वेश में पुलिस कर्मी, महिला सिपाही घूमती रहीं। वहीं पीएसी, जलपुलिस, एनडीआरएफ टीम लगी रही।