पीडीडीयू नगर में डाब की खरीदारी करता व्यक्ति। संवाद
- फोटो : रोहतक में चाकू लगने से घायल झांसी निवासी युवक निजाम। स्रोत : पुलिस
पीडीडीयू नगर। कोरोना काल में इम्युनिटी पावर और पाचन क्रिया आदि को दुरूस्त करने के लिए इस्तेमाल होने वाले डाब की जिले में खपत बढ़ गई है। कोरोना के पहले इसकी बिक्री कम थी। कोरोना काल के बाद इसकी मांग बढ़ने से आज जिले में दो सौ से अधिक ठेलों पर डाब बिकता है। वर्तमान में जिले में आठ हजार से अधिक लोग रोजाना डाब पी रहे हैं। हालांकि गर्मियों में इसकी खपत और अधिक बढ़ जाती है।
कोरोना काल में इम्युनिटी पावर बढ़ाने, पाचन तंत्र को दुरूस्त और शरीर को हाइड्रेट रखने के उद्देश्य से लोगों ने डाब पीना शुरु किया। कोरोना काल के पहले जिले में डाब पीने के शौकीन कम थे, ऐसे में एक ही दो स्थान पर ठेलों पर डाब की बिक्री होती थी। कोरोना काल के बाद से प्रचलन में आने के बाद लोग डाब पी रहे है। जिले में वर्तमान में 200 से अधिक ठेलो पर डाब की बिक्री होती है।। अभी बाजार में 80 रुपये में डाब बिक रहा है। डाब विक्रेता राजेश ने बताया कि जिले में डाब बेचने वालों की संख्या में काफी बढ़ी है। बताया कि जिले में लोग बनारस के पहाड़िया मंडी से डाब खरीदकर लाते हैं और उसे ठेले पर रखकर बेचते हैं। वर्तमान में जिले में आठ से दस हजार डाब की बिक्री होती है। यानी प्रतिदिन आठ से नौ लाख रुपये का कारोबार होता है। वहीं गर्मियों में इसकी मांग बढ़ जाती है।