धीना के असवरिया गांव में खुरपका से बीमार मवेशी। संवाद
- फोटो : एसआईआर फार्म भरने की जानकारी देते अधिकारी।
धीना। धानापुर विकासखंड के असवरिया गांव में खुर-पका और मुंह-पका रोग तेजी से फैल रहा है। गांव के 24 से अधिक पशुपालक अपने पशुओं के हैं। अब तक 50 से अधिक मवेशी बीमार हैं, जबकि तीन मवेशी दम तोड़ चेके हैं।
ग्रामीण पशुपालक प्यारेलाल यादव ने बताया 21 मवेशी पिछले एक सप्ताह से खुर-पका और मुंह-पका रोग से पीड़ित हैं। लगातार इलाज करा रहा हूं, लेकिन अभी तक राहत नहीं मिली है। सरकारी डॉक्टर भी अब तक कोई ठोस उपचार या जांच नहीं कर पाए हैं। गांव के अन्य पशुपालकों के यहां भी बड़ी संख्या में पशु बीमार हैं। इनमें फेकू यादव की 5 मवेशी, पंचम यादव की 5 मवेशी, शोभा की दो, राजेश की 1, सुभाष यादव की 2, पाचू यादव की 3, राजा मास्टर की 8, रामऔतार की 2, प्रभु मास्टर की 3, विपिन यादव की 4 (इनमें से 1 की मौत), नामवर की 2 दो गोवंश और 1 बाछी (तीनों की मौत) हो चुकी हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार सूचना देने के बावजूद विभाग की टीम समय पर नहीं पहुंची, जिसके कारण बीमारी फैलती चली गई। गांव में भय और नाराजगी है।
विभाग ने लिया उजाला के खबर का संज्ञान, उपचार टीम भेजी पशु चिकित्सा खंड अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि अमर उजाला में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए चिकित्सकों की टीम प्रभावित गांवों में भेज दी गई है। जहां-जहां पशु बीमार मिले हैं, वहां उपचार कराया जा रहा है। यदि सूचना समय से मिल जाती, तो बीमारी पर और प्रभावी तरीके से काबू किया जा सकता था।