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Chandauli News: एशिया के सबसे बड़े यार्ड में चार वर्षों से बंदरों का आतंक

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पीडीडीयू नगर। हावड़ा दिल्ली रूट पर अतिव्यस्त पं दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर यात्री बंदरों के आतंक से परेशान हैं। बंदर आते जाते यात्रियों का सामान खींच रहे हैं। खाने पीने का सामान छीन लेते हैं। इससे यात्री परेशान हैं। कई बार बंदरों को भगाने की योजना बनाई गई लेकिन यह सफल नहीं हुआ। विडंबना यह है कि बंदरों का आतंक पिछले चार वर्षों से स्टेशन पर है। विभाग के अनुसार कई बार वन विभाग को सूचना दी गई लेकिन एक बार भी वन विभाग की टीम स्टेशन पर बंदरों को पकड़ने नहीं पहुंची। पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन का यार्ड एशिया का सबसे बड़ा रेलवे यार्ड है। वहीं पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर प्रतिदिन बीस से 25 हजार यात्री ट्रेनों पर सवार होते हैं और उतरते हैं। वहीं यहां से प्रतिदिन 110 जोड़ी ट्रेनें गुजरती है। इसमें तीन लाख से अधिक यात्री पीडीडीयू जंक्शन से होकर गुजरते हैं। ऐसे में पिछले पांच वर्षों से स्टेशन पर बंदरों ने डेरा जमा लिया है। शुरूआत में यात्री और स्टाल संचालक इन्हें खाने पीने का सामान दे देते थे। धीरे धीरे इनकी संख्या बढ़ी गई और वर्तमान में स्टेशन पर तीन से चार सौं बंदर धमाल मचा रहे हैं।
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स्थिति यह है कि अब बंदर फूटओवर ब्रिज, प्लेटफार्म और प्लेटफार्म की छतों पर उधम मचा रहे हैं। यही नहीं फुटओवर ब्रिज पर आते जाते यात्रियों का सामान भी छीन ले रहे हैं। बंदर घुड़की से बच्चे डर जा रहे हैं। यही नहीं एशिया से बडे़ यार्ड में भी बंदरों का जमावड़ा है। ट्रेनों के आने जाने पर बंदर रेलवे लाइन पर कतार बद्ध बैठे रहते हैं। मानो वे यात्रियों का इंतजार कर रहे हों। एक बार बंदर पीडीडीयू जंक्शन से सासाराम तक ट्रेन की सवारी भी कर चुका है। बावजूद इसके अब तक इससे छूटकारा दिलाने का उपाय नही हुआ। बंदरों से बचाव के लिए स्टाल संचालक भी गुलेल लेकर रखते हैं। जैसे ही स्टाल पर बंदर पहुंचने वाले होते हैं, गुलेल से डरवाते हैं लेकिन अब इससे भी बंदर नहीं डर रहे हैं।

केस -एक

15 सितंबर 2022 को पीडीडीयू जंक्शन पर अजमेर सियालदह एक्सप्रेस क कोच संख्या एस-5 में बंदर घुस गया। वह सीट संख्या 44 पर बैठ गया। यात्रियों ने इसकी सूचना आपातकालीन नंबर 139 पर दी। ट्रेन के सासाराम पहुंचने पर बंदर स्वयं उतर गया। इस दौरान यात्री सहमे रहे।
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केस-दो
21 नवंबर 2023 की सुबह नौ बजे प्लेटफार्म संख्या सात पर अप गर्भा एक्सप्रेस पहुंच रही थी। यात्री ट्रेन पर सवार होने केा तैयार थे तभी ओवर ब्रिज के रैंंप के पास बंदरों का झूंड आ गया। बंदरों ने नीचे रखे कूड़ेदान का पलट दिया। इससे पूरा कूड़ा बिखड़ गया और यात्रियों को दिक्कत हुई।

केस -तीन
23 नवंबर 2023 को दोपहर डेढ़ बजे ट्रेन पर सवार होने के लिए फूटओवर ब्रिज से प्लेटफार्म संख्या दो पर उतर रही महिला की शॉल एक बंदर ने पकड़ लिया। इससे महिला अत्यंत भयभीत हो गई। इस बीच अन्य यात्री पहुंचे तब बंदर ने शॉल छोड़ा।

इनसेट-
सफाई में भी होती है दिक्कत

बंदरों के कारण स्टेशन को साफ सुथरा रखने में भी दिक्कत होती है। अक्सर ही बंदर कूड़े दान को पलट देते हैं और खाना खोजने के चक्कर में उसमें पड़े कूड़े को बिखेर देते हैं। सफाईकर्मी पहुंच कर सफाई करते हैं लेकिन फिर से वहीं कहानी शुरू हो जाती है।

कोट-
खाने की तलाश में बंदर स्टेशन पर आ जाते हैं। बंदरों से परेशानी की शिकायत मिली है। बंदरों को भगाने के लिए वन विभाग को पत्र लिखा जाएगा। जल्द ही बंदरों को हटवाया जाएगा।
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दीपक कुमार, मंडल जनसंपर्क अधिकारी, पीडीडीयू मंडल
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