महिलाओं ने आरोप लगाया कि सीएससी संचालक ने फर्जी तरीके से उनके अंगूठे का इस्तेमाल कर खाते से लाखों रुपये की निकासी की है। पीड़ित महिलाओं ने आरोप लगाया कि दो-तीन महीना बीत जाने के बाद भी बैंक प्रशासन ने इस पूरे मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। बैंक की ओर से सिर्फ आश्वासन दिया गया। इससे नाराज होकर महिलाओं ने शुक्रवार की सुबह नौ बजे बैंक शाखा पर पहुंच कर बैंक के मुख्य गेट पर ताला बंद कर दिया।
महिलाओं की ओर से ताला जड़े जाने से बैंक में खलबली मच गई। सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं मानी। पुलिस ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि आरोपित सीएससी संचालक के खिलाफ जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। इसके बाद महिलाओं ने विरोध खत्म किया और ताला खोला।
इस संबंध में शाखा प्रबंधक जय कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है। सोमवार को सीएससी के डायरेक्टर शाखा पर आएंगे और जल्द ही मामले का निस्तारण कर लिया जाएगा। वहीं महिलाओं ने कहा कि अगर जल्द ही मामले का निस्तारण नहीं किया गया, तो बैंक पर फिर ताला लगाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य रूप से फेकना देवी, निरा, सावित्री, माधुरी, जैरुन, दुर्गा, मुन्नी, उषा देवी, राधिका, झरिया, आशा कुमारी, कुसुम आदि महिलाएं रहीं।