नौगढ़। स्थानीय ब्लॉक में ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण के लिए आए धन के गबन का मामला सामने आने के बाद डीएम संजीव सिंह ने गंभीर रुख अख्तियार किया है। चेताया है कि गबन की गई धनराशि प्रधान और सचिव से वसूली की जाएगी। इसके अलावा प्रधान के खिलाफ रिकवरी कराने के लिए नोटिस जारी करने के साथ सचिव के वेतन से किश्तों में धनराशि की रिकवरी की जाएगी।
ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर तत्कालीन डीएम नवनीत सिंह चहल ने स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम के तहत पंचायतों में शौचालय निर्माण कार्यों की जांच नोडल अधिकारियों से कराई थी। इसमें बड़े पैमाने पर गबन के कई मामले पकड़ में आए। मामलों में एफआईआर दर्ज करने के साथ रिकवरी के भी आदेश दिए गए थे लेकिन रिकवरी किससे और कैसे होगी यह स्पष्ट नहीं था। वर्तमान डीएम संजीव सिंह की मानें तो गबन के ऐसे मामले में एफआईआर कराने का साथ हड़पी गई धनराशि को दो भागों में बांट दिया जाएगा। एक हिस्से में आरोपी सेक्रेटरी और एक हिस्सा प्रधान से वसूला जाएगा। प्रधान की ओर से गबन की गई धनराशि जमा नहीं कराने पर उसे तहसील की ओर से नोटिस जारी की जाएगी। वहीं सेक्रेटरी के वेतन से गबन की धनराशि काटी जाएगी। यदि धनराशि ज्यादा हुई तो इसे किश्तों में वसूला जाएगा। डीएम ने कहा है कि जांच अधिकारियों की सत्यापन रिपोर्ट आते ही कार्रवाई प्रचलन में लाई जाएगी।