कोहरे की सघनता बढ़ती जा रही है लेकिन अभी तक रेलवे ने फाग सिग्नल का इंतजाम नहीं किया है। अधिकांश रेलवे स्टेशनों पर घने कोहरे के कारण चालकों को सिग्नल नहीं दिखाई देता जिससे उन्हें असुविधा हो रही है।
उनका कहना है कि गलती पर तो तत्काल जांच बैठाई जाती है लेकिन परिचालन की व्यवस्था करने की कोई पहल नहीं होती।
बढ़ते कुहासे ने ट्रेनों की रफ्तार पर विराम लगाना शुरू कर दिया है। इसकी वजह से ट्रेनों के विलंब से परिचालन बढ़ता जा रहा है। वहीं रेलवे प्रशासन ने अभी तक फाग सिग्नलों का प्रयोग आरंभ नहीं किया है।
इसकी वजह से ट्रेनों के परिचालन पर इसका प्रभाव गहराता जा रहा है। जिससे चालक दिक्कतों के दौर से गुजर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो पूर्व मध्य रेलवे में इसका प्रयोग बंद कर दिया गया है।
जगह निर्धारित दूरी पर ट्रैक की गिट्टियों को फैलाकर उसे सफेद रंग से रंगा जा रहा है। इसके पीछे तर्क है कि कोहरे के समय हेड लाइट के प्रकाश में चालक को सफेद रंग दिखाई देगा और उसे संकेत मानकर वे ट्रेनों की गति नियंत्रित कर लेंगे।
जबकि चालकों का कहना है कि ट्रेनों के परिचालन में ट्रैक और दोनों पटरियों के बीच ध्यान केंद्रित रखना पड़ता है, इससे अक्सर सफेद रंग नहीं दिखाई दे पाता। हालांकि रंग देखकर ट्रेनों का परिचालन नियंत्रित करने का काफी प्रयास किया जाता है।