बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में अपनी बारी का इंतजार करते लोग।
पांच सौ और एक हजार रुपये के पुराने नोट जमा करने के अंतिम तिथि पर शुक्रवार को करीब एक करोड़ के पुराने नोट बैंकों में जमा हुए। बैंकों को शाम चार बजे तक पुरानी करेंसी को जमा कराने का आदेेश था। जिससे शहरी क्षेत्रों में दो से तीन बजे तक नोट जमा हुए तो ग्रामीण इलाकों में दोपहर बारह बजे तक ही नोट लिए गए। हालांकि कोई वापस नही लौटा।
नोटबंदी के बाद प्रधानमंत्री ने तीस दिसंबर तक पुराने नोट बैंकों में जमा करने की बात कही थी। रिजर्व बैंक के लगातार बदलते नियमों के बीच काफी लोगों ने पूर्व में ही पुराने नोटों को बैंकों में जमा करा दिया था। नगर के बैंक आफ इंडिया के शाखा प्रबंधक रामदुलार ने बताया कि पहले ही लोग पुराने नोट जमा करा चुके हैं। आज कम लोग पहुंचे।
इसी तरह स्टेट बैंक आफ इंडिया के शाखा प्रबंधक कुमार परिमल ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से 30 से 40 हजार रुपये मूल्य के पुराने नोट ही जमा हुए हैं। वहीं पैसे जमा करने आए चतुर्भुजपुर निवासी विजय कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री ने 30 दिसंबर तक नोट जमा करने को कहा था।
पूर्व में लगातार भीड़ हो रही थी। इसी वजह अंतिम दिन जमा करने पहुंचा। इसी तरह शास्त्री कालोनी निवासी विश्वास राय ने बताया कि गुल्लक में दो हजार रुपये के नोट जमा करने से रह गए थे। उसी को एकाउंट में जमा करने पहुंचा हूं। इस बाबत अग्रणी जिला प्रबंधक एसके पाढी ने बताया कि शुक्रवार को नियमपूर्वक जनपद के सभी बैंकों में नोट जमा हुए हैं। जिले में दिन भर में करीब एक करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा हुए हैं।